बाराबंकी में आवारा कुत्तों का कहर, 12 साल की बच्ची पर जानलेवा हमला

बाराबंकी में आवारा कुत्तों के हमले में 12 साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई. दूध लेने निकली बच्ची को कुत्तों के झुंड ने घेरकर बुरी तरह नोच डाला. स्थानीय लोगों ने किसी तरह उसे बचाया. हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया है. घटना के बाद प्रशासन ने कुत्ते पकड़ने के निर्देश दिए हैं.

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मौत से जंग लड़ रही मासूम बच्ची (Photo: Representational ) मौत से जंग लड़ रही मासूम बच्ची (Photo: Representational )

aajtak.in

  • बाराबंकी,
  • 22 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:46 PM IST

यूपी के बाराबंकी में मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमले ने एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बखरिया टोला इलाके में 12 साल की बच्ची पर कुत्तों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. फिलहाल बच्ची का इलाज लखनऊ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है.

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दूध लेने निकली 12 साल की बच्ची पर कुत्तों का झुंड टूटा

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि घटना बुधवार की है. मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के बखरिया टोला निवासी ज्योति घर से दूध लेने के लिए बाहर निकली थी. तभी अचानक चार से पांच आवारा कुत्तों ने उसे घेर लिया. कुत्तों ने बच्ची को जमीन पर गिरा दिया और उसके हाथ पैर और पीठ पर बुरी तरह काटना शुरू कर दिया. अचानक हुए इस हमले से बच्ची खुद को बचा नहीं सकी और मौके पर ही बेहोश होने लगी.

बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों की मदद से कुत्तों को भगाया, तब जाकर बच्ची को उनके चंगुल से बचाया जा सका, लेकिन तब तक ज्योति को गंभीर चोटें आ चुकी थीं और अत्यधिक खून बह चुका था.

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कुत्तों को पकड़ने के दिए गए निर्देश

घटना के बाद परिजन बच्ची को तत्काल फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची के शरीर पर कई गहरे जख्म हैं और उसका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है.

इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन नगर निकाय और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही थी. लोगों ने कई बार शिकायत की थी, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही.

मामले को गंभीरता से लेते हुए SDM कार्तिकेय सिंह ने कहा है कि दोनों नजदीकी नगर निकायों के कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. 

 

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