बागपत जिले के बिजरौल-जलालपुर गांव में रविवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला. दुल्हन वंशिका ने अपनी शादी के दिन सड़क पर उतरकर दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. उसका आरोप था कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने उसके पिता की एक बीघा जमीन को जबरदस्ती हड़पने की कोशिश की, वो भी बिना कोई मुआवजा दिए.
वंशिका के पिता देशपाल सिंह ने बताया, 'हमारी जमीन को पहले तीन बार अधिग्रहण किया जा चुका है. अब फिर से एक बीघा जमीन लेने की कोशिश हो रही है, बिना किसी ठोस मुआवजे के. हमें और गांव वालों को ये बिल्कुल मंजूर नहीं.' उनका ये भी कहना है कि इस अतिरिक्त जमीन की प्रोजेक्ट के लिए कोई जरूरत ही नहीं है.
NHAI का आया जवाब
वहीं, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नरेंद्र सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा, 'ये जमीन पहले ही अधिग्रहण की जा चुकी है. रविवार को पुलिस सिर्फ एक अवैध निर्माण हटाने गई थी, जो मुआवजे की रकम बढ़वाने के लिए बनाया गया था.' उन्होंने वंशिका और उसके परिवार के प्रदर्शन को महज प्रचार स्टंट करार दिया और कहा कि इस मामले में सिविल और क्रिमिनल केस दर्ज किए जा रहे हैं.
मंडप में लौटकर की शादी
प्रदर्शन के बाद वंशिका वापस अपनी शादी के मंडप में लौटीं और दूल्हे के साथ सात फेरे लिए. इस पूरे मामले की सुनवाई अब बागपत के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चल रही है, जहां अगली तारीख बुधवार को तय की गई है. गांव वालों का कहना है कि वो तब तक विरोध करते रहेंगे, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं. इस घटना के बाद लोग वंशिका की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं, जो अपनी शादी जैसे खास दिन पर भी अपने हक के लिए लड़ने से पीछे नहीं हटी.
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