उत्तर प्रदेश के बागपत से मां की ममता और जज्बे की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. सड़क हादसे में जब एक युवक की सांसें थमने लगीं और आसपास मौजूद भीड़ तमाशबीन बनी थी, तब युवक की मां ने हौसला दिखाया. घायल हालत में उसने करीब दस मिनट तक CPR देकर और मुंह से सांस देकर बेटे को मौत के मुंह से वापस खींच लिया.
यह घटना बागपत के दोघट क्षेत्र के मांगरौली गांव के पास की है. यहां अचानक एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया. हादसे में सबसे नीचे ऋतिक नाम का युवक दब गया. ई-रिक्शा का भारी ढांचा उसके ऊपर गिरने से युवक का दम घुटने सा लगा. वह बेहोश होकर निढाल हो गया.
घटना के वक्त सड़क पर मौजूद लोग सहम गए. कोई भी आगे बढ़कर मदद की हिम्मत नहीं जुटा पाया. हर कोई हादसे को देखता रहा. इसी बीच हादसे में खुद घायल हुई मां बीना किसी तरह बेटे तक पहुंचीं. बेटे की हालत देखकर वह पल भर के लिए टूट गईं. ऋतिक अचेत पड़ा था, कोई हलचल नजर नहीं आ रही थी. कुछ क्षणों तक मां उसे एकटक निहारती रहीं, फिर फफक-फफक कर रो पड़ीं.
लेकिन अगले ही पल मां ने बेटे की छाती दबाकर CPR देना शुरू कर दिया. कई बार कोशिश करने के बाद भी जब कोई हलचल नहीं दिखी, तब भी मां ने हार नहीं मानी. उन्होंने बेटे के मुंह से मुंह लगाकर अपनी सांसें उसके भीतर भरनी शुरू कर दीं.
यह भी पढ़ें: 40 मिनट तक CPR और 12 इलेक्ट्रिक शॉक... युवक को आया हार्टअटैक, फिर ऐसे लौटी दिल की धड़कन
पांच मिनट... फिर सात मिनट... और करीब दस मिनट तक मां लगातार ऐसा करती रहीं. आखिरकार वो पल आया, जब बेटे के शरीर में हल्की सी हरकत महसूस हुई. सांसों की आहट मिलते ही मां ने बेटे को अपनी गोद में भर लिया. मौके पर मौजूद लोग इस दृश्य को देखकर हैरान रह गए.
कुछ देर बाद मौके पर एंबुलेंस पहुंची और ऋतिक को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें मां बेटे को CPR देती और गोद में लिए नजर आ रही हैं. यह घटना बताती है कि ऐसे मुश्किल हालात में CPR कितना महत्वपूर्ण है. विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर दिया गया CPR किसी की जान बचा सकता है.
मनुदेव उपाध्याय