Banda: महिला के गॉल ब्लैडर से निकले 300 स्टोन, ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर भी रह गए हैरान

बांदा शहर से सटे बांधा के पुरवा की रहने वाली सुनैना यादव दो सालों से गॉल ब्लैडर की पथरी से परेशान थी. परिजनों ने कई डॉक्टरों को दिखाया. कई जगह इलाज कराया. लेकिन आराम नहीं मिला. इसके बाद परिजन सुनैना को लेकर बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचे. वहां उन्होंने सर्जरी डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अनूप सिंह को दिखाया.

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 निकाले गए स्टोन. निकाले गए स्टोन.

सिद्धार्थ गुप्ता

  • बांदा,
  • 12 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 6:01 PM IST

उत्तर प्रदेश के बांदा से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. एक महिला के गॉल ब्लैडर से ऑपरेशन के जरिए 300 पथरियां (स्टोन) निकाले गए. यह देख ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर भी हैरान रह गए. बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के बाद महिला बिल्कुल स्वस्थ है. परिजनों ने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर और उनकी टीम का धन्यवाद किया है. 

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दरअसल, बांदा शहर से सटे बांधा के पुरवा की रहने वाली सुनैना यादव दो सालों से गॉल ब्लैडर की पथरी से परेशान थी. परिजनों ने कई डॉक्टरों को दिखाया. कई जगह इलाज कराया. लेकिन आराम नहीं मिला. इसके बाद परिजन सुनैना को लेकर बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचे. वहां उन्होंने सर्जरी डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अनूप सिंह को दिखाया.

5 MM से 10 MM तक के 300 स्टोन निकले

डॉक्टर ने देखते ही ऑपरेशन करने की सलाह दी. इसके बाद सुनैना का लेजर ऑपरेशन किया गया, जिसमें उसके गॉल ब्लैडर से 5 MM से 10 MM तक के 300 स्टोन निकले. ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर अनूप सिंह ने बताया कि खान पान में गड़बड़ी, हार्मोन का बैलेंस बिगड़ने पर लिवर में स्टोन होती हैं. इससे बचने के लिए उन्होंने सलाह दी कि खाने में हाई फाइबर डाइट लें.

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'कोलेस्ट्रॉल डाइट लें और नियमित व्यायाम करें'

साथ ही लो कोलेस्ट्रॉल डाइट लें. नियमित व्यायाम करें. वहीं, स्टोन होने के लक्षण के बारे में बताया कि पेट में गैस बनना, खाना अपच होना, पेट फूलना आदि होता है. स्टोन होने पर तत्काल मरीज डॉक्टर से सम्पर्क करें. वरना छोटी स्टोन नली में फंस जाती हैं, जिससे इंफेक्शन या शारीरिक नुकसान होने की संभावनाएं होती हैं. 

कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर ने कही ये बात

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर सुनील कौशल ने बताया कि मरीज सुनीता को स्टोन से बहुत परेशानी थी. उन्होंने हमारे यहां चेकअप कराया. डॉक्टर ने उन्हें चेकअप के बाद ऑपरेशन की सलाह दी. इसके बाद ऑपरेशन किया गया और पित्ताशय यानी गॉल ब्लैडर से छोटी-बड़ी 300 स्टोन निकाले गए. यह हमारे मेडिकल कॉलेज में पहली बार ऐसा हुआ है कि इतनी स्टोन निकाली गई हैं. मरीज और उसके परिजनों ने हमारी टीम का धन्यवाद किया है.

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