जिसने बचाई थी जान, उससे मिलने 5000 मील का सफर तय करके आती है ये पेंग्विन

जज्बातों का यह रिश्ता वाकई अद्भुत है. एक पेंग्विन हर साल 5000 मील का तैरकर उस इंसान से मिलने आती है जिसने आज से 5 साल पहले उसकी जान बचाई थी.

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प्यार की है ये अद्भुत कहानी (फोटो साभार: www.thesun.co.uk) प्यार की है ये अद्भुत कहानी (फोटो साभार: www.thesun.co.uk)

स्वाति गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 10 मार्च 2016,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST

कौन कहता है कि भावनाएं सिर्फ इंसानों में होती हैं? हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी पेंग्विन की कहानी जो प्यार और अपनेपन को महसूस करने वाली भावनाओं का एक जीता जागता उदाहरण है.

ये कहानी है एक ऐसी पेंग्विन की जो हर साल तय करती है. यह पेंग्विन उस इंसान से मिलने आती है जिसने उसकी जान बचाई थी. किस्सा है ब्राजील के एक आइलैंड पर बसे गांव का जहां जाओ पेरिया डिसूजा नाम का एक मछली पकड़ने वाला आदमी रहता है. इस व्यक्ति की उम्र 71 साल है.

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दरअसल आज से में समुद्र के किनारे इस व्यक्ति ने तेल से लथपथ एक पेंग्विन को अधमरी हालत में पाया था. उस समय यह पेंग्विन मरने के करीब थी. पेंग्विन को देखकर जाओ ने उसे तुरंत उठाया और तेल साफ करके ढंग से उसकी देखभाल की. उसके शरीर को मजबूती देने के लिए उसे अच्छा खाना भी दिया और बहुत प्यार से पेंग्विन का नाम 'डिनडिम' रखा.

एक हफ्ते बाद जाओ ने पेंग्विन को फिर से समुद्र में छोड़ने की कोशिश की लेकिन पेंग्विन नहीं गई. ठीक होने के 11 महीने बाद तक पेंग्विन जाओ के साथ ही रही. जाओ ने बताया कि लेकिन जैसे ही पेंग्विन के नए पंख आए वह गायब हो गई. लेकिन कुछ ही महीनों बाद डिनडि‍म वापस आई और जाओ का पीछा करते करते उसके घर तक गई.

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बता दें कि पिछले जाओ के साथ ही रही है. अब जाओ का भी पेंग्विन से लगाव इतना बढ़ गया है कि वह उसे अपने बच्चे की तरह प्यार करते हैं.

जाओ बताते हैं कि हर साल वह जून में आती है और फरवरी में जाती है. खास बात यह है कि हर बार वो मुझे देखकर पहले से ज्यादा खुश नजर आती है. ऐसा शायद इसलिए क्योंकि अब पेंग्विन भी जाओ को अपने मानने लगी है.

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