खास नस्ल के इंसान बनाने में लगा था एप्सटीन! महिलाओं को प्रेग्नेंट करने का ये था प्लान

जेफरी एपस्टीन की करतूतें सिर्फ ट्रैफिकिंग और नाबालिगों के उत्पीड़न तक सीमित नहीं थी. उसके कुछ अजीबोगरीब साइंटिफिक प्रोजेक्ट भी थे, जिस काम को वो आगे बढ़ाना चाहता था. इसके लिए उसने जाने-माने वैज्ञानिकों के बीच अच्छी पैठ भी बना ली थी और उन्हें अपने आइडियाज से भी अवगत कराया था.

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'सुपर रेस' बनाने की चाहत रखता था जेफरी एपस्टीन (Photo - AFP) 'सुपर रेस' बनाने की चाहत रखता था जेफरी एपस्टीन (Photo - AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:43 AM IST

जेफरी एपस्टीन, एक अमीर फाइनेंसर था,  जिस पर ट्रैफिकिंग के आरोप लगे थे. उसकी मौत जेल में ही हो गई. एपस्टीन आज भी एक रहस्य बना हुआ है.  मौत के सात साल बाद भी उसकी काली करतूतों एक के बाद एक सामने आ रही हैं. इसके साथ ही उसके उन महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स और आइडिया भी सामने आए हैं, जो मानव सभ्यता की जड़ को हिलाकर रख देने वाले थे. इसके लिए बाकायदा उसने तैयारी भी शुरू कर दी थी. 

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एपस्टीन का एक अजीब सपना था. वह न्यू मेक्सिको में अपने बड़े से रैंच पर महिलाओं को प्रेग्नेंट करके इंसानों में अपने DNA का बीज डालना चाहता था. ताकि, वह एक 'सुपर ह्युमन' नस्ल तैयार कर सके. यह उसके अजीबोगरीब प्रोजेक्ट का एक हिस्सा भर था. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एपस्टीन ने सालों तक साइंटिस्ट और दूसरों को अपनी इस योजना के बारे में बताया. उसकी सोच से वाकिफ चार लोगों के मुताबिक, वह एक 'सुपर रेस' तैयार करना चाहता था. 

एपस्टीन का यह आईडिया ट्रांसह्यूमनिज़्म के प्रति उसके आकर्षण को दिखाता है. यह जेनेटिक इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी टेक्नोलॉजी के जरिए इंसानी आबादी को बेहतर बनाने का विज्ञान है. ट्रांसह्यूमनिज्म की तुलना आज के जमाने के यूजीनिक्स से की जाती है. यूजीनिक्स का मतलब होता है कंट्रोल्ड ब्रीडिंग के जरिए इंसानी नस्ल को बेहतर बनाने की प्रक्रिया. इसके लिए एपस्टीन ने बड़ी तैयारी कर रखी थी.

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साइंटिस्ट की टीम तैयार करने की कोशिश में था एपस्टीन
उसके एक दर्जन से ज़्यादा जान-पहचान वालों के इंटरव्यू और पब्लिक डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि उन्होंने एक एलीट साइंटिफिक कम्युनिटी में अपनी जगह बनाने के लिए उन्हीं तरीकों का इस्तेमाल किया, जिससे उसे यूजेनिक्स और क्रायोनिक्स जैसे फील्ड्स में अपने इंटरेस्ट को आगे बढ़ाने का मौका मिला.

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मिस्टर एपस्टीन ने कई जाने-माने साइंटिस्ट को अपनी ओर खींचा. इनमें नोबेल प्राइज जीतने वाले फिजिसिस्ट मरे गेल-मैन , जिन्होंने क्वार्क की खोज की थी, थ्योरेटिकल फिजिसिस्ट  स्टीफन हॉकिंग, पैलियोन्टोलॉजिस्ट और इवोल्यूशनरी बायोलॉजिस्ट स्टीफन जे गोल्ड, न्यूरोलॉजिस्ट और बेस्ट-सेलिंग लेखक ओलिवर सैक्स, जॉर्ज एम. चर्च, जो एक मॉलिक्यूलर इंजीनियर हैं, जिन्होंने ऐसे जीन की पहचान करने का काम किया है, जिन्हें बदलकर बेहतर इंसान बनाए जा सकते हैं और MIT के थ्योरेटिकल फिजिसिस्ट फ्रैंक विल्ज़ेक, जो एक नोबेल पुरस्कार विजेता शामिल थे.

वैज्ञानिकों के लिए अरेंज करता था पार्टियां
सभी साइंटिस्ट एपस्टीन के मैनहट्टन वाले बंगले में डिनर पार्टियों में इकट्ठा होते थे. उन्होंने हार्वर्ड के प्रोग्राम फॉर इवोल्यूशनरी डायनेमिक्स में बुफे लंच होस्ट किए, जिसे शुरू करने में उन्होंने $6.5 मिलियन के डोनेशन से मदद की थी.कुछ लोग आइलैंड्स में एपस्टीन द्वारा स्पॉन्सर की गई कॉन्फ्रेंस में गए थे. वहां उसके प्राइवेट आइलैंड पर वैज्ञानिकों का स्वागत किया गया था.

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एक बार कुछ साइंटिस्ट, जिसमें मिस्टर हॉकिंग भी शामिल थे – एक सबमरीन पर जमा हुए थे. इसे एपस्टीन ने किराए पर लिया था. हार्वर्ड के कॉग्निटिव साइकोलॉजिस्ट स्टीवन पिंकर ने कहा कि उन्हें उनके साथियों, जिनमें हार्वर्ड के मैथ और बायोलॉजी के प्रोफेसर मार्टिन नोवाक और थ्योरेटिकल फिजिसिस्ट लॉरेंस क्रॉस शामिल थे, दोनों ने 'सैलून और कॉफी क्लैश' में बुलाया था, जहां एपस्टीन दरबार लगाते थे.

एक पार्टी में 'सुपर रेस' प्रोजेक्ट के आइडिया का किया था खुलासा
वर्चुअल-रियलिटी क्रिएटर और लेखक जेरॉन लैनियर ने बताया है कि एपस्टीन के आइडिया साइंस नहीं थे.  लैनियर ने कहा कि  एक बार, मैनहैटन के अपर ईस्ट साइड में एपस्टीन के मैंशन में डिनर के दौरान, उनकी एक साइंटिस्ट से बात हुई जिसने उन्हें बताया कि मिस्टर एपस्टीन का मकसद मैक्सिको स्थित सांता फे के बाहर एक छोटे से शहर में उनके 33,000 स्क्वेयर फुट के जोरो रैंच में एक बार में 20 औरतों को प्रेग्नेंट करना था. लैनियर ने कहा कि साइंटिस्ट ने खुद को NASA में काम करने वाला बताया, लेकिन उन्हें उसका नाम याद नहीं था.

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लैनियर के मुताबिक, NASA साइंटिस्ट ने कहा कि  एपस्टीन ने बेबी रैंच का आइडिया रिपॉजिटरी फॉर जर्मिनल चॉइस के अकाउंट्स पर बेस्ड था, जिसमें उन नोबेल पुरस्कार विजेताओं के स्पर्म स्टॉक किए जाने थे जो ह्यूमन जीन पूल को मज़बूत करना चाहते थे. इसमें सिर्फ एक नोबेल प्राइज विनर ने स्पर्म देने की बात मानी है. रिपॉजिटरी ने 1999 में काम करना बंद कर दिया था.

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'सुपर रेस' प्रोजेक्ट के लिए जोरो रेंच को बेस बनाना चाहता था
2000 के दशक की शुरुआत से कई मौकों पर, मिस्टर एपस्टीन ने साइंटिस्ट और बिजनेसमैन को अपने न्यू मेक्सिको रैंच को अपने 'सुपर रेस' प्रोजेक्ट के लिए एक बेस के तौर पर इस्तेमाल करने की अपनी इच्छा के बारे में बताया. वहां वह एक साथ कई महिलाओं को अपने स्पर्म से प्रेग्नेंट करता. ऐसा दो अवॉर्ड-विनिंग साइंटिस्ट और बड़ी कंपनियों और अमीर लोगों के एक एडवाइजर ने बताया. इन सभी लोगों को एपस्टीन ने अपने इस आइडिया के बारे में बताया था. 

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एडवाइजर ने कहा कि यह कोई सीक्रेट नहीं था. एपस्टीन ने मैनहट्टन टाउनहाउस में एक सभा में भी अपने इस आइडिया पर चर्चा की थी. वहीं एक साइंटिस्ट ने कहा कि मिस्टर एपस्टीन ने 2001 में उसी टाउनहाउस में एक डिनर में अपना यह आइडिया बताया था. दूसरे ने याद किया कि मिस्टर एपस्टीन ने 2006 में वर्जिन आइलैंड्स के सेंट थॉमस में होस्ट की गई एक कॉन्फ्रेंस में उनके साथ इस पर चर्चा की थी. एपस्टीन अपने डीएनए का इस्तेमाल कर एक नई नस्ल तैयार करने का सपना देखने लगा था. हालांकि, उसके जान-पहचान वाले किसी भी शख्स ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि इस आइडिया पर उसने किस हद तक काम किया था. 

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