अमेरिका में जिंदगी बहुत तेज चलती है. वहां लोग काम और अपनी आज़ादी को बहुत जरूरी मानते हैं. भारत में जिंदगी थोड़ी धीरे चलती है, लेकिन यहां परिवार और अपने लोगों के साथ रहना ज्यादा अहम होता है. रायसिन सैनी 11 साल तक अमेरिका में रहीं. फिर उन्होंने सोचा कि अब भारत वापस जाना चाहिए. यह सिर्फ देश बदलने का फैसला नहीं था, बल्कि नई तरह से जिंदगी शुरू करने का फैसला था. वह न्यूयॉर्क में चार साल रहीं और वहां की जिंदगी ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया. लेकिन अब उन्होंने नया जीवन शुरू करने के लिए भारत आने का निर्णय लिया है.
न्यूयॉर्क ने मुझे बनाया मजबूत
एक भावुक वीडियो में उन्होंने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं था. वह काफी समय से इसके बारे में सोच रही थीं. उन्होंने कहा- न्यूयॉर्क ने मुझे मजबूत बनाया, मुझे कई चुनौतियां दीं, लेकिन अब वहां रहना सही नहीं लग रहा था. इसलिए मैंने इसे चुना और नई शुरुआत का फैसला किया. वह भारत एक दोस्त की शादी में आई थीं, जिससे बदलाव थोड़ा आसान लगा. लेकिन शादी के बाद जब सामान्य जिंदगी शुरू हुई, तो उन्हें एहसास हुआ कि अब सच में वह वापस आ चुकी हैं. उन्होंने बताया कि भारत लौटने पर उन्हें 'रिवर्स कल्चर शॉक' लगा. अमेरिका में जिंदगी तेज, व्यवस्थित और ज्यादा रिजर्व होती है.
भारत में काम से ज्यादा रिश्तों का महत्व
वहीं, भारत में काम धीमी गति से होता है और लोगों के साथ ज्यादा मेलजोल रहता है. रायसिन ने यह भी कहा कि न्यूयॉर्क में फैशन इंडस्ट्री में काम करते हुए उन्हें अपनी पसंद के कपड़े पहनने और खुलकर जीने की आदत थी. भारत लौटने के बाद उन्हें अलग-अलग जगहों पर अपने पहनावे और व्यवहार को लेकर ज्यादा सोचने की जरूरत महसूस हुई. उन्होंने कहा कि अमेरिका में नौकरी और मौके अच्छे मिलते हैं और काम की रफ्तार भी तेज होती है, लेकिन वहां की जिंदगी काफी महंगी और काम के इर्द-गिर्द घूमने वाली हो सकती है.
वहीं, भारत में जिंदगी थोड़ी धीमी चलती है और खर्च भी कम होता है. यहां परिवार और रिश्तों को ज्यादा महत्व दिया जाता है. आखिर में उन्होंने कहा कि अच्छी जिंदगी किसे कहते हैं, यह आपकी सोच पर निर्भर करता है- क्या आप तेज रफ्तार और आज़ादी चाहते हैं या फिर अपनों के साथ जुड़ा हुआ और संतुलित जीवन.
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