ट्रैवल व्लॉगर ने बता दी सच्चाई, भारत और ब्रिटेन के 5 स्टार होटलों में इतना बड़ा अंतर

भारत और ब्रिटेन में 5 स्टार होटलों का एक्सपीरीएंस एक जैसा नहीं होता है. एक ओर जहां विदेशों में लग्जरी का मतलब है कि सादगी और शांति होती है, तो वहीं भारत जैसे देश में अपने अतिथि को खास महसूस कराना बेहद जरूरी होता है. भारत और ब्रिटेन में किस तरह ये एक दूसरे से अलग है व्लॉगर दीपांशु मिश्रा ने अपने इंटाग्राम पोस्ट के जरिए बताया है.

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ट्रैवल व्लॉगर ने बता दी सच्चाई, भारत और ब्रिटेन के 5 स्टार होटलों की सच्चाई. (Photo: Pexels) ट्रैवल व्लॉगर ने बता दी सच्चाई, भारत और ब्रिटेन के 5 स्टार होटलों की सच्चाई. (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:26 PM IST

हर देश की अपनी एक अलग पहचान, इतिहास और लग्जरी होती है. एक ओर 900 पाउंड का होटल रूम तो, वहीं दूसरी ओर 25 हजार में शाही स्वागत. आखिर आपके लिए लग्जरी का मतलब क्या होता है? ऐसी ही एक बहस सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. ट्रैवल व्लॉगर दीपांशु मिश्रा की सोशल मीडिया पोस्ट ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है.

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अपने इस पोस्ट में व्लॉगर दीपांशु मिश्रा ने भारत और ब्रिटेन को 5 स्टार होटलों की सच्चाई सामने ला दी है. इसके बाद से सोशल मीडिया पर इसने बहस छेड़ दी है कि मेहमाननवाजी पैसे से होती है या दिल से.

पोस्ट में इन बातों का जिक्र

इस पोस्ट में व्लॉगर ने बताया कि दोनों देशों में मेहमाननवाजी और सेवा का मतलब पूरी तरह से अलग है और दोनों में से कोई तरीका गलत नहीं है. बता दें कि दीपांशु अब तक 9 देशों की यात्रा कर चुके हैं और वे दुनियाभर में घूमना चाहते हैं. उन्होंने 8 प्वाइंट की मदद से भारत और ब्रिटेन के 5 स्टार होटलों के बीच अंतर बताया है.

होटल का प्राइज

व्लॉगर दीपांशु मिश्रा ने अपनी पोस्ट में बताया कि ब्रिटेन में 900 पाउंड ( जो भारतीय रुपये में एक लाख से अधिक होते हैं) खर्च करने के बाद उन्हें केवल एक छोटा सा कुछ सुविधाओं के साथ कमरा मिला. वहीं, अगर भारत में 25 हजार रुपये देकर होटलों में भव्य स्वागत किया जाता है. इसमें माला, तिलक और वेलकम ड्रिंक शामिल होते हैं. उनका कहना है कि भारत में कम कीमत में ज्यादा मेहमाननवाजी मिलती है.

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अलग होता है वेलकम का तरीका

वहीं, उन्होंने ये भी बताया कि दोनों देशों में स्वागत करने का तरीका भी पूरी तरह अलग होता है. ब्रिटेन में चेक इन प्रोसेस तेज होता है, बस नाम बताया और काम खत्म. लेकिन भारत में मेहमानों का स्वागत गर्मजोशी के साथ नमस्ते करके किया जाता है.

स्टाफ में भी होता है फर्क

जहां, ब्रिटेन में एक ही व्यक्ति चेक इन का काम करता है, वहीं आपका सामान भी उठाता और बाकी का काम भी संभालता है. लेकिन भारत में हर काम के लिए अलग-अलग लोग होते हैं. कोई दरवाजा खोलता है, तो कोई आपका सामान उठाता है, तो कोई आपको आपके रूम तक छोड़कर आता है.

मेहमाननवाजी का क्या है मतलब

ब्रिटेन में मेहमाननवाजी का मतलब है सादगी और शांति. वहीं, भारत में इसकी परिभाषा पूरी तरह से अलग है. दीपांशु के मुताबिक, भारत आपको अमीर होने का एहसास करवाता है जबकि ब्रिटेन आपको कुशल होने का एहसास कराता है.

रूम का साइज

दोनों देशों के होटलों में रूम के साइज में भी बहुत अंतर होता है. ब्रिटेन में होटल के कमरे बेहद छोटे या कोजी होते हैं. वहीं, भारत में बड़े कमरे को हमारा सबसे छोटा कमरा कहकर दिखाते हैं.

खान-पान का भी अलग है सिस्टम

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खाने के समय में भी अंतर देखने को मिला. व्लॉगर दीपांशु मिश्रा में बताया कि यूके के होटलों में नाश्ते के समय का सख्ती से पालन करना होता है. अगर आप सही समय पर नाश्ता करने नहीं जा पाए तो आपको केवल एक जवाब मिलता है किचन बंद. वहीं, भारत में ऐसा नहीं है. कर्मचारी अपने अतिथि के लिए खाने का इंतजाम करता है.

इस बात ने खींचा ध्यान

इस पोस्ट के लास्ट में व्लॉगर ने लिखा कि ब्रिटेन के होटलों में आपके साथ मेहमान वाला व्यवहार किया जाता है, जबकि भारत के होटल में आपके साथ रिश्तेदार जैसा व्यवहार किया जाता है मानों पैसे देकर आपकी बुकिंग कराई गई हो.

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