पहली नजर में एलिजाबेथ कैर एक साधारण 44 साल की महिला लगती हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों को पता नहीं होता है कि वह अमेरिका की पहली IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) बेबी हैं. कैर आईवीएफ के जरिए जन्म लेने वाली देश की पहली बच्ची के रूप में अमेरिकी इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी है.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बोस्टन में रहने वाली कैर ने ब्रिटानिका को बताया कि मैं सचमुच दुनिया भर के कई बच्चों के लिए एक बड़ी बहन की तरह महसूस करती हूं. मेरा जन्म 28 दिसंबर, 1981 को हुआ था. इससे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में कभी भी इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया नहीं की गई थी.
इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ), वह प्रक्रिया है जिसमें ह्युमन बॉडी से बाहर लैब में द्वारा एग और स्पर्म को एक साथ लाकर भ्रूण बनाया जाता है. कैर का जन्म इसी अपरंपरागत नई तकनीक से हुआ था. तब अमेरिका में पहली बार आईवीएफ के जरिए किसी बच्ची का जन्म हुआ.
कैर से पहले दुनियाभर में सिर्फ 14 बच्चों का हुआ था जन्म
कैर के ऐतिहासिक जन्म से पहले, उस समय तेजी से विकसित हो रही इस तकनीक के माध्यम से दुनियाभर में सिर्फ 14 अन्य शिशुओं का जन्म हुआ था. इसमें ब्रिटेन की लुईस जॉय ब्राउन भी शामिल थीं, जो जुलाई 1978 में आईवीएफ के माध्यम से जन्म लेने वाली दुनिया की पहली आईवीएफ बेबी होने का गौरव हासिल किया था.
कैर ने बताया कि अमेरिका की पहली आईवीएफ बेबी होने के नाते उन्हें जन्म के समय से ही काफी शोहरत मिली. वहीं इसके साथ ही लोगों का मेरे प्रति नजरिया हमेशा कुछ अलग रहा, जिस वजह से अक्सर मुझसे कुछ अजीबोगरीब सवाल किए जाते रहे.
जन्म के साथ ही सुर्खियों में छा गई थीं कैर
कैर के मुताबिक, उनके ऐतिहासिक जन्म के कुछ ही घंटों बाद, वह और उनके माता-पिता एक जबरदस्त सुर्खियों में छा गए. मीडिया उन्हें कवर करने के लिए टूट पड़ी. उनके माता-पिता लागातार टेलीविजन पर इंटरव्यू दे रहे थे और कैर का लाइफ मैगजीन के कवर के लिए फोटोशूट चल रहा था.
कैर ने हंसते हुए बताया कि मेरी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस तीन दिन की उम्र में हुई थी.यह इतिहास का एक बड़ा क्षण था. इसके बाद कई मौकों पर बड़े होने के बाद भी मीडिया में मैं सुर्खियां बटोरती रही.
इन अजीब सवालों से परेशान रहती हैं कैर
कैर ने बताया कि अक्सर लोग उनसे उनके शरीर की बनावट को लेकर अजीबोगरीब सवाल करते हैं.मुझसे अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि क्या आपकी नाभि है? वह हंसते हुए बोलीं - लोग सचमुच मुझसे यह सवाल पूछते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि मुझे किसी ट्यूब या लैब में बनाया गया था. कैर ने कहा कि यह एक गलत धारणा है - जो आमतौर पर "टेस्ट-ट्यूब बेबी" टैग के साथ आती है.
कैर का कहना है कि आईवीएफ के जरिए मेरे जन्म में टेस्ट ट्यूब का इस्तेमाल नहीं किया गया था. मुझे दुनिया में लाने के लिए पेट्री डिश का इस्तेमाल किया गया था. मेरा भ्रुण पेट्री डिश में ही तैयार हुआ था. फिर मुझे मेरी मां के गर्भ में वापस रख दिया गया, और नौ महीने बाद, मैं भी बाकी सब बच्चों की तरह इस दुनिया में आई.
ये है कैर के जन्म की पूरी कहानी
कैर ने बताया कि मेरे माता-पिता, जूडिथ और रोजर के लिए, बांझपन समस्या नहीं थी. असल चुनौती बच्चे को सफलतापूर्वक जन्म देना था. क्योंकि, उनकी मां को गर्भधारण करने में समस्या थी. तब उनकी मां के गयनोलॉजिस्ट ने बताया था कि मुझे नहीं पता कि आप परिवार शुरू करने के बारे में क्या सोच रही हैं, लेकिन मैं अभी एक सम्मेलन से लौटी हूं जहां मैंने आईवीएफ नामक एक प्रक्रिया के बारे में जाना है. एक पति-पत्नी की टीम है जो वर्जीनिया के नॉरफॉक में एक क्लिनिक खोलने की कोशिश कर रही है और उन्हें मरीजों की तलाश है.
कैर ने बताया कि इसके बाद मेरे माता-पिता इलाज के लिए अमेरिका में आईवीएफ के अग्रणी हॉवर्ड और जॉर्जियाना जोन्स से संपर्क किया. कैर के अनुसार, उनके माता-पिता वर्जीनिया गए थे क्योंकि उस समय उनके गृह राज्य मैसाचुसेट्स में आईवीएफ "अवैध" था.
कैर ने बताया कि तब डॉक्टरों ने मेरे माता-पिता को इस प्रक्रिया से बच्चे के जन्म को लेकर गोपनीयता बनाए रखने को कहा था, लेकिन मेरे माता-पिता का दृढ़ विश्वास था कि लोगों को पता चलना चाहिए. हम बस एक सामान्य दंपत्ति हैं जो बाकी सभी की तरह अपना परिवार बसाना चाहते हैं. हमारा बच्चा सामान्य है.
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