एक महिला सर्जरी के बाद सो गई. जब वह सुबह उठी तो उसकी आवाज रूसी लहजे वाली हो गई थी. उन्होंने बताया कि लोगों ने सोचा मैं जानबूझकर नाटक कर रही हूं. महिला ने बताया कि सोने जाने से पहले वह अपने असली लहजे में बात कर रही थी.
मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक,56 साल की तारा लिविंगस्टन नाम की महिला का कहना है कि अपनी आंख के पास एक छोटी सी सर्जरी के बाद, जब वह उठी तो उसका लहजा पूरी तरह से बदल चुका था. तारा ने कहा कि मैं पूरी तरह से कनाडाई हूं, लेकिन मेरे बोलने का लहजा एक रशियन की तरह हो गया.
तारा के मुताबिक, इससे पहले नवंबर 2023 में स्ट्रोक हुआ था, जिसके कारण उन्हें वाचाघात (एफेसिया) और वाक् अप्रेक्सिया (एप्रेक्सिया) हो गया.ये ऐसी स्थितियां हैं जो भाषा और शब्द बनाने की क्षमता को प्रभावित करती हैं. इसके बाद उन्होंने गहन वाक् चिकित्सा शुरू की और धीरे-धीरे बोलना फिर से सीखना शुरू किया.
अब एक बार फिर से उन्हें बोलने से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. यह बहुत मुश्किल होता है, खासकर जब मैं अपना लहजा भूल जाती हूं. मैं एक मशहूर स्की शहर के पास रहती हूं और जब मैं पर्यटकों से कनाडा से जुड़ी रोचक बातें करती हूं, तो वे मुझसे पूछते हैं कि मैं कहां से हूं.
चाहकर भी अपने लहजे में नहीं कर सकती बात
जब मुझे जवाब देना पड़ता है तो मेरी आंखों में लगभग आंसू आ जाते हैं, मेरा दिल टूट जाता है. पहले मुझे स्ट्रोक हुआ और मैं वाचाघात और वाक् अप्रेक्सिया से पीड़ित हो गई. फिर सर्जरी के बाद होश में आने पर जो कुछ हुआ उसे याद करते हुए तारा ने कहा कि मैंने नर्सों से बात करने की कोशिश की तो मेरी आवाज रूसी लहजे में निकली और मुझे आश्चर्य हुआ कि मैं इसे रोक नहीं पा रही थी. मैं चाहकर भी अपने असली लहजे में बात नहीं कर पा रही थी.
डॉक्टरों ने तारा को 'फॉरेन एक्सेंट सिंड्रोम' नामक एक अत्यंत दुर्लभ तंत्रिका संबंधी बीमारी से ग्रसित पाया है, जिसमें मस्तिष्क में क्षति के कारण बोलने का तरीका बदल जाता है और व्यक्ति की आवाज विदेशी लहजे जैसी लगने लगती है. कनाडा के ओंटारियो की रहने वाली तीन बच्चों की मां तारा का कहना है कि लोग अक्सर सोचते हैं कि वह मजाक में ऐसा लहजा अपना रही है, जिसके कारण एक बार उनका एक असली रूसी महिला से झगड़ा भी हो गया था.
असली रूसी महिला से हो गया झगड़ा
तारा ने कहा कि डॉक्टरों को कभी नहीं लगा कि मैं नाटक कर रही हूं. लेकिन, एक बार मैं अपने पड़ोस के पब में थी और एक महिला मुझसे रूसी में बात करने लगी. मैं हंस पड़ी और कहा कि यह तो बस लहजा है, मैंने यह भाषा नहीं सीखी है. फिर मैं सिगरेट पीने चली गई. जब मैं वापस आई तो मेरे बार के दोस्त मेरे पक्ष में गवाही दे रहे थे. फिर वो महिला मुझ पर रूसी भाषा में मुझ पर चिल्लाई और बाद में पता चला कि उसने मुझे गाली दी थी.
तारा अगले दो साल तक स्पीच थेरेपी लेंगी ताकि उन्हें अपना कनाडाई लहजा वापस मिल सके. उन्होंने आगे कहा कि मैं अपनी इस स्थिति के कारण सरकारी विकलांगता पेंशन पर निर्भर हूं और काम नहीं कर सकती. मुझे ऐसा लगता है जैसे मैंने अपनी पहचान खो दी है और मैं अपना लहजा वापस पाना चाहती हूं.
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