भारत से बाहर जाकर काम करने की इच्छा शायद दुनिया में सबसे ज्यादा भारतीयों में देखी जाती है. वजह भी साफ है—जितना काम भारत में करके कमाया जा सकता है, उतना ही वक्त अगर किसी विकसित देश में लगाया जाए तो मेहनताना डॉलर, पाउंड या दीनार में मिलता है, जिसकी कीमत भारतीय रुपये से कई गुना ज्यादा होती है.
इसी उम्मीद के साथ कई भारतीय छोटे-छोटे कामों से विदेशी देशों में शुरुआत करते हैं और धीरे-धीरे वहीं अपनी पहचान बना लेते हैं. शुरुआत में ये काम साधारण लग सकते हैं-जैसे टैक्सी चलाना, कैब ड्राइविंग, छोटे स्टोर संभालना या घरेलू मदद का काम लेकिन कमाई को लेकर लोगों के मन में हमेशा उत्सुकता रहती है कि आखिर विदेश में ऐसे काम करके कितनी आय हो जाती है.
इसी दिलचस्पी के बीच ऑस्ट्रेलिया में कैब चलाने वाले एक भारतीय युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि भारत और विदेश की कमाई में फर्क आखिर कितना बड़ा है.
भारतीय कंटेंट क्रिएटर तुषार बरेजा ने हाल ही में अपना अनुभव साझा किया है. उन्होंने बताया किऑस्ट्रेलिया में उबर चलाते हुए वे एक दिन में कितनी कमाई कर पाए. तुषार ने शुरुआत में 12 घंटे लगातार कैब चलाने का प्लान बनाया था, लेकिन रास्ते में आई कई चुनौतियों की वजह से वह केवल 10 घंटे ही काम कर सके.
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कमाई इतनी थी कि जितनी एक आम भारतीय...
इन 10 घंटों की ड्राइविंग के बाद तुषार को कुल 330 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मिले. भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 20,863 रुपये बैठती है.यानी एक ही दिन का काम भारत में एक औसत व्यक्ति की पूरे महीने की तनख्वाह के बराबर. दिलचस्प बात यह है कि अगर दिल्ली-एनसीआर के कैब ड्राइवरों की तुलना की जाए तो भी यह आमदनी उनकी रोजाना की कमाई से लगभग दस गुना ज्यादा है.
तुषार ने अपना यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @tusharbareja23 हैंडल से पोस्ट किया है. वीडियो पर लगातार लाइक और कमेंट्स आ रहे हैं, और भारतीय यूजर्स यह देखकर हैरान हैं कि समान मेहनत विदेश में कहीं ज्यादा आर्थिक फायदा दे देती है.
वहीं दूसरी तरफ भारत में स्थिति बिल्कुल अलग है. बड़े शहरों खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर में दिनभर सड़क पर रहने के बावजूद ओला, उबर या रैपिडो ड्राइवरों की औसत कमाई 3,000 से 4,000 रुपये प्रतिदिन से ज्यादा नहीं पहुंच पाती. छुट्टी कर लेने पर तो उनकी आय सीधे कम हो जाती है, क्योंकि कमाई पूरी तरह काम पर निर्भर रहती है.
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि क्यों भारतीय युवाओं के लिए विदेश में बसना आज भी एक बड़ा आकर्षण बना हुआ है. मेहनत दोनों जगह करनी पड़ती है, लेकिन बदलता सिर्फ इतना है घंटों की कीमत.
नोट - ये खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर बनाई गई है. aajtak.in वीडियो में किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता है.
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