सोशल मीडिया पर एक एसी टेक्नीशियन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक खतरनाक जगह पर लगे एसी की सर्विस करने से साफ मना कर देता है. यह मामला खारघर की एक ऊंची बिल्डिंग का बताया जा रहा है, जहां 23वीं मंजिल पर एसी का आउटडोर यूनिट बालकनी से काफी दूर बाहर की तरफ लगाया गया है. वीडियो में टेक्नीशियन लोगों को समझाता है कि वह इस काम को क्यों नहीं कर सकता. वह दिखाता है कि एसी यूनिट इतनी खतरनाक जगह पर लगी है कि वहां तक पहुंचना आसान नहीं है. अगर कोई व्यक्ति वहां सर्विस करने जाता है, तो गिरने का खतरा बहुत ज्यादा है. टेक्नीशियन कहता है कि सिर्फ 300–400 रुपये के लिए कोई अपनी जान खतरे में क्यों डालेगा.
सुरक्षा इंतजाम नहीं, गिरने का बड़ा खतरा बताया
वह आगे कहता है कि अगर काम करते समय कोई हादसा हो जाता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उसके मुताबिक, इस तरह के काम में कोई भी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं, जैसे कि सेफ्टी बेल्ट, मजबूत प्लेटफॉर्म या अन्य जरूरी उपकरण. ऐसे में वहां काम करना बहुत ही खतरनाक है.इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तकनीशियन का काफी समर्थन किया. कई यूजर्स ने कहा कि उसने बिल्कुल सही फैसला लिया है, क्योंकि जान से बढ़कर कुछ भी नहीं होता. लोगों का मानना है कि इतने छोटे पैसे के लिए अपनी जान खतरे में डालना समझदारी नहीं है.
यूजर्स बोले—बिल्डर और मालिक पहले सोचें, बाद में नहीं
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि घर मालिक और बिल्डर को पहले से ही यह सोचना चाहिए कि एसी को ऐसी जगह लगाया जाए जहां उसकी सर्विस आसानी से और सुरक्षित तरीके से हो सके. अगर यूनिट बहुत बाहर या मुश्किल जगह पर लगाई जाएगी, तो बाद में उसे ठीक करना बहुत कठिन और खतरनाक हो जाता है. एक यूजर ने लिखा कि लोग एसी लगवाते समय सिर्फ अपनी सुविधा देखते हैं, लेकिन बाद में उसे ठीक करने वाले लोगों की सुरक्षा के बारे में नहीं सोचते.
दूसरे यूजर ने कहा कि बिल्डरों को ऐसे डिजाइन बनाने चाहिए, जिनमें तकनीशियन आसानी से और सुरक्षित तरीके से काम कर सकें. कई लोगों ने यह भी कहा कि तकनीशियनों को उनके काम के अनुसार सही सम्मान और अच्छा पैसा मिलना चाहिए, खासकर तब जब उनका काम जोखिम भरा हो. कुल मिलाकर, यह वीडियो एक बड़ा सवाल उठाता है कि क्या हम अपने काम के लिए दूसरों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं. यह घटना बताती है कि किसी भी काम में सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए, चाहे वह छोटा काम ही क्यों न हो.
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