उत्तर प्रदेश के 70 वर्षीय विनोद कुमार शर्मा का पहला व्लॉग सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो गया है. तेज कट्स, ट्रेंडिंग म्यूजिक और परफेक्ट विज़ुअल्स से भरे आज के डिजिटल दौर में उनका बेहद साधारण वीडियो लोगों के दिलों तक पहुंच गया. एडिटिंग, बैकग्राउंड म्यूज़िक और किसी तरह के दिखावे के बिना बनाया गया यह व्लॉग 72 घंटे में करीब 3 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देख लिया.
विनोद शर्मा ने अपने पहले व्लॉग में बड़े सरल शब्दों में अपना परिचय दिया. उन्होंने अपना नाम, उम्र और शहर बताते हुए साफ कहा कि उन्हें व्लॉगिंग नहीं आती और यह उनका पहली कोशिश है. उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट के समय को सही तरीके से इस्तेमाल करने और खुद को मानसिक रूप से सक्रिय रखने के लिए वे कुछ नया करने की कोशिश कर रहे हैं. कैमरे के सामने उनकी ईमानदारी और सहजता ने शुरू से ही दर्शकों को जोड़ लिया.
क्यों हो गया वायरल
वीडियो में कोई बड़ा संदेश या आकर्षक एंगल नहीं था. दर्शकों के सामने सिर्फ एक बुजुर्ग व्यक्ति था, जो सीखने की कोशिश कर रहा था. यही सादगी और प्रयास लोगों के लिए सबसे खास बन गया. एक ऐसे समय में जब सोशल मीडिया अक्सर परफेक्ट प्रेजेंटेशन और खुद को बेहतर दिखाने की होड़ से भरा रहता है, विनोद शर्मा का यह सच्चा और बिना दिखावे वाला व्लॉग लोगों के लिए एक ताजा अनुभव साबित हुआ.
देखें वायरल वीडियो
कमेंट सेक्शन में दर्शकों ने उन्हें प्यार से 'दादाजी' और 'अंकल' कहकर संबोधित किया. कई लोगों ने लिखा कि उन्हें विनोद शर्मा में अपने माता-पिता या दादा-दादी की झलक दिखाई दी.वो लोग जो टेक्नोलॉजी से थोड़ा झिझकते हैं, लेकिन नई चीजें सीखने का उत्साह रखते हैं. उनकी धीमी, सरल और आत्मीय आवाज ने कमेंट करने वालों में अपनापन पैदा कर दिया.यूट्यूब इंडिया ने कमेंट में लिखा कि आपके और व्लॉग्स का इंतजार रहेगा. इंस्टाग्राम पर उन्होंने अपने व्लॉग का नाम 'instauncle_9' रखा है.
जल्द ही वीडियो के नीचे प्रोत्साहन भरे संदेशों की बाढ़ आ गई. लोगों ने उनसे और व्लॉग डालने की गुजारिश की.एक यूजर ने लिखा कि अगला व्लॉग भी जरूर डालिए अंकल जी. वहीं किसी ने इस अनुभव को खूबसूरती से समेटते हुए लिखा कि 2 मिनट का व्लॉग नहीं, 70 साल का अनुभव है.
सीधे-साधे अंदाज़, सच्चाई और सहजता ने इस वीडियो को न सिर्फ वायरल बनाया, बल्कि यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया पर दिल जीतने के लिए हमेशा ग्लैमर नहीं, बल्कि ईमानदारी और गर्मजोशी भी काफी होती है।
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