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'चीन में हुई प्रेग्नेंट, बिना दवा थाने में ही कराया जबरन अबॉर्शन'

aajtak.in
  • 13 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:53 AM IST
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नॉर्थ कोरिया से भाग निकलीं एक महिला ने कहा है कि कोरिया में उनका जबरदस्ती अबॉर्शन करा दिया गया और उन्हें कोई दवा भी नहीं दी गई. महिला का कहना है कि वह 3 महीने की प्रेग्नेंट थी और पुलिस स्टेशन में ही अबॉर्शन कराया गया. आइए जानते हैं पूरा मामला...

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जी हैओन-ए ने दावा किया है कि कोरिया में कई बार प्रेग्नेंट महिलाओं का जबरन अबॉर्शन करा दिया जाता है. तीन बार भागने के बाद जी हैओन-ए को चीन से वापस नॉर्थ कोरिया भेज दिया गया था. लेकिन चौथी बार वह देश से निकलकर उत्तर कोरिया पहुंच गई.

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यूनाइटेड नेशन्स में अमेरिका की अम्बेस्डर निक्की हेली के साथ एक मीटिंग में महिला ने बताया है कि कोरिया दो नस्लों से पैदा हुए बच्चों को स्वीकार नहीं करता. इसलिए अगर कोई महिला चीन में प्रेग्नेंट होती है तो उसका नॉर्थ कोरिया में जबरस्ती अबॉर्शन करा दिया जाता है.

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महिला ने यह भी कहा है कि नॉर्थ कोरिया में प्रेग्नेंट महिलाओं से जबरदस्ती काम भी कराया जाता है. प्रेग्नेंट महिला चीखती रहती हैं. कई बार बच्चे बिना मां को देखे ही मर जाते हैं.

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महिला आखिरकार 2007 में नॉर्थ कोरिया से भागकर साउथ कोरिया पहुंची. यहां वह मां, भाई और बहन से मिल सकी. लेकिन उसे अब तक अपने पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.

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महिला ने नॉर्थ कोरिया को एक ''खौफनाक जेल'' बताया और कहा कि किम लगातार "बड़े नरसंहार" कर रहा है. वहां जीना किसी चमत्कार जैसा है.

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मीटिंग में निकी हेली ने कहा कि नॉर्थ कोरियाई लोगों की पूरी कहानी दुनिया के सामने आने की जरूरत है.

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