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चारों दोषियों को फांसी, तिहाड़ के बाहर निर्भया जिंदाबाद के नारे, बांटे गए लड्डू

aajtak.in
  • 20 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 9:09 AM IST
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साल 2012 में राजधानी दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप कांड में करीब सवा सात साल के बाद इंसाफ हुआ है. तिहाड़ जेल के फांसी घर में शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे निर्भया के चारों दोषियों को फांसी दी गई. फांसी मिलते ही तिहाड़ जेल के बाहर लोग काफी खुश नजर आए. लोगों ने लड्डू भी बांटे. तस्वीरों में देखते हैं लोग किस तरह नारे लगा रहे हैं.

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दरअसल, तिहाड़ जेल के फांसी घर में शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे निर्भया के चारों दोषियों को फांसी दी गई. निर्भया के चारों दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया. निर्भया के इंसाफ से लोगों के मन में खुशी की लहर है. दोषियों को फांसी मिलने के बाद लोगों ने निर्भया जिंदाबाद के नारे लगाए. 

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इस दौरान लड़के और लड़कियों ने एक-दूसरे को मिठाइयां भी खिलाईं. उनका कहना है कि यह फैसला देश के लिए मिसाल है.

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वहीं कुछ लडकियां इस फैसले पर भावुक भी नजर आईं. उन्होंने कहा कि निर्भया को इंसाफ मिल गया, अब बाकियों को भी जल्दी इंसाफ मिले, ऐसी उम्मीद है.

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पिछली रात से ही तिहाड़ के बाहर लोगों कि भीड़ इकट्ठा होना शुरू हो गई थी. इसलिए प्रशासन अलर्ट पर था. भारी संख्या में पुलिस फ़ोर्स भी तैनात कर दी गई थी. फांसी के समय तक तिहाड़ के बाहर काफी भीड़ जमा हो गई.

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फांसी के बाद निर्भया की मां और उनके पिता भी भावुक नजर आए. उनका कहना है कि उनकी बेटी जो अब जाकर इंसाफ मिला है. देश की न्यायपालिका को उन्होंने धन्यवाद भी दिया है.

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बता दें कि निर्भया के चारों दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को एक साथ फांसी के फंदे पर लटकाया गया है. फांसी से पहले चारों दोषियों में से सिर्फ मुकेश और विनय ने ही रात का खाना खाया, लेकिन पवन और अक्षय ने खाना नहीं खाया. दोषियों के वकील एपी सिंह ने आरोप भले ही लगाया कि दोषियों को परिवार से नहीं मिलने दिया जा रहा है, लेकिन दोषी मुकेश के परिवार ने फांसी से कुछ देर पहले आखिरी मुलाकात की.

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रात भर चारों दोषियों पर इस बारीकी से नजर रखी गई, अलग से एक 15 लोगों की टीम तैनात की गई थी. चारों दोषियों को फांसी दिए जाने के बाद उनके शवों को दीन दयाल अस्पताल पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया.

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शुक्रवार सुबह 8 बजे पोस्टमॉर्टम होगा, जिसके बाद परिवार वालों से शव के बारे में पूछा जाएगा. अगर परिवार शव नहीं लेता है, तो अंतिम संस्कार जेल नियमों के हिसाब से होगा.

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तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि दोषियों की ओर से जेल में कमाए गए पैसे उनके परिवारवालों को दिए जाएंगे इसके अलावा उनके कपड़े और सभी सामान भी परिवारवालों को दिए जाएंगे.

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