खतरनाक कोरोना वायरस से जूझ रहे चीन ने रविवार को जंगली जानवरों के व्यापार पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है. चीन में अब तक कोरोना वायरस से 56 लोगों की मौत हो चुकी है.
दरअसल, माना जा रहा है कि कोरोना वायरस जानवरों की वजह से तेजी से फैलता है. और चीन में कुछ बाजार ऐसे भी हैं जिनमें इन जानवरों को भोजन के रूप में बेचा जाता है. यही कारण है कि चीन ने उनपर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है.
चीन सरकार के एक निर्देश के अनुसार, सभी जंगली जानवरों की प्रजातियों को उठाना, परिवहन करना या बेचना घोषणा की तारीख से प्रतिबंधित किया जाता है. यह तब तक लागू रहेगा जब तक इस महामारी की स्थिति समाप्त नहीं हो जाती है.
अब तक चीन में कोरोना से लगभग 2,000 संक्रमण पाए गए हैं. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि यह जानलेवा वायरस तेजी से फैल रहा है. चीनी नए साल की सरकारी छुट्टी पर एक सरकारी बैठक में उन्होंने इसको लेकर चेतावनी भी दी है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जानवर के व्यापार पर प्रतिबंध लगाने से काम से काम यह जरूर होगा कि जिन जानवरों के माध्यम से यह वायरस फैल सकता है, उन्हें थोड़ा रोका जाएगा.
चीन के कई शहरों में यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. बसें बंद कर दी गई हैं. रविवार से वुहान में निजी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
इधर चीन सरकार ने वुहान प्रांत में एक 1000 बेड का अस्पताल बनाना शुरू कर दिया है, जिसके मात्र 6 दिन में पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है. वायरस से सर्वाधिक प्रभावित लोग वुहान और हुबेई प्रांत के शहरों में ही हैं.
कोरोना वायरस चीन से बाहर भी कई देशों में फैल गया है. हांगकांग, मकाऊ, ताइवान, नेपाल, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, वियतनाम और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ ही ऑस्ट्रेलिया तक फैल गया है. जापान ने शुक्रवार को दूसरे मामले की पुष्टि की. वहीं शनिवार को ऑस्ट्रेलिया ने भी एक मामले की पुष्टि की है.
कोरोना वायरस के कारण भारत की चिंता भी बढ़ गई है. वुहान और हुबेई प्रांत के विश्वविद्यालयों में छात्र पढ़ाई करते हैं. इनमें से कई अभी वहीं हैं. भारतीय दूतावास छात्रों के संपर्क में है. इसके लिए भारतीय दूतावास ने हॉटलाइन नंबर भी जारी किया है. वहीं चीन से लौटे लोगों को केरल में निगरानी में रखा गया है.