खुली सड़कें, खिड़की से आती ताजी हवा और पसंदीदा गानों का शोर, लंबी रोड ट्रिप का ख्याल ही मन को रोमांचित कर देता है. लेकिन अक्सर मंजिल तक जल्दी पहुंचने की बेताबी में हम अपनी सेहत और सुरक्षा को पीछे छोड़ देते हैं. सड़क पर एक छोटी सी चूक या शरीर की थकान किसी बड़े खतरे को दावत दे सकती है. इसलिए, अपनी यात्रा को यादगार बनाने के साथ-साथ सुरक्षित रखना भी बेहद जरूरी है. तो चलिए जानते हैं, लंबी यात्रा के दौरान वो कौन सी बातें हैं जो आपके सफर को आसान और सुखद बना सकती हैं.
लंबी दूरी की ड्राइविंग के दौरान सबसे बड़ी चुनौती एकाग्रता बनाए रखना होती है. इस पर विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा और ताजगी के लिए हर 2 से 3 घंटे की ड्राइविंग या करीब 150-200 किलोमीटर का सफर पूरा करने के बाद कम से कम 20 से 25 मिनट का छोटा ब्रेक लेना जरूरी है.
यह ब्रेक न केवल ड्राइवर की आंखों और दिमाग को आराम देता है, बल्कि गाड़ी के इंजन को भी थोड़ा ठंडा होने का समय मिलता है. इस दौरान आप गाड़ी से बाहर निकलकर थोड़ा स्ट्रेचिंग कर सकते हैं, जिससे शरीर में रक्त का संचार बेहतर होता है और आप फिर से तरोताजा महसूस करने लगते हैं.
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कहां रुकना है समझदारी?
सफर में आप कहां रुकते हैं, यह आपकी सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है. हमेशा कोशिश करें कि मुख्य ब्रेक ईंधन, भोजन या वॉशरूम के लिए किसी अधिकृत हाईवे स्टॉप, अच्छे फूड प्लाजा या उन ढाबों पर ही लें जहां अच्छी रोशनी और भीड़भाड़ हो. सुनसान रास्तों पर रुकने से बचना चाहिए. अगर आप रात में यात्रा कर रहे हैं और थकान महसूस हो रही है, तो किसी अच्छे होटल में रुकना ही बेहतर है. होटल की बुकिंग अगर पहले से हो, तो आपको आधी रात को ठहरने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और आपका सामान भी सुरक्षित रहेगा.
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होता ये है कि अक्सर लोग समय बचाने के चक्कर में रात भर गाड़ी चलाते हैं, जो कि सबसे ज्यादा जोखिम भरा होता है. कम रोशनी और नींद के झोंके किसी बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकते हैं. याद रखिए, अगर ड्राइविंग के दौरान आपको जरा भी थकान महसूस हो या आंखें भारी होने लगें, तो अगले स्टॉप का इंतजार किए बिना किसी सुरक्षित जगह पर तुरंत गाड़ी रोक दें. अपनी क्षमता से ज्यादा गाड़ी चलाना बहादुरी नहीं बल्कि जोखिम है. रात के समय ड्राइव करने से बचना और सूरज ढलने के बाद सुरक्षित जगह पर आराम करना ही एक समझदार मुसाफिर की पहचान है.
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