संजय सिन्हा आज अपने दर्शकों के लिए कहानी लिखने और सुनाने का जिक्र कर रहे हैं. वे बता रहे हैं कि कैसे इस क्रम में पहले आभासी रिश्ते बने और धीरे-धीरे रिश्ते प्रगाढ़ होते चले गए. साथ ही वे अपने दोस्त द्वारा भेजी गई कहानी सुना रहे हैं कि कैसे एक साधु नदी पार करने के लिए नदी का इंतजार कर रहा था. वे इस कहानी के मार्फत जिंदगी जीने के बजाय इंतजार में ही इसे बिताने का जिक्र करते हैं. देखें वीडियो...