केंद्रीय बजट 2026 को पेश किया जा चुका है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़े ऐलान किए हैं. उन्होंने बताया है कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक्स आइटम में यूज होने वाली बैटरी और उसमें यूज होने वाले कच्चे माल में कस्टम इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की जाएगी. वित्त मंत्री का यह ऐलान आने वाले दिनों स्मार्टफोन समेत कई कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक्स आइटम की कीमत स्थिर रखने या सस्ता करने में मदद कर सकता है.
वित्त मंत्री ने कहा, एनर्जी सेक्टर में लिथियम-आयन सेल, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और उनसे जुड़े मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी.
SEZ के सामान पर लगेगी किफायती ड्यूटी
वित्त मंत्री ने बताया है कि स्पेशल इकॉनोमिक्स जोन (SEZ) में निर्मित सामान के निर्यात पर किफायती ड्यूटी दी जाएगी, जो बिक्री की सीमा के तहत आएंगे. भारत में SEZ के तहत कई कंपनियों को जगह और संसाधन प्रोवाइड कराए गए हैं, जिनके लिए कुछ नियम में छूट भी होती है. SEZ की मदद से देश में नौकरियों के अवसर भी पैदा होते हैं.
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स्मार्टफोन में यूज होती हैं ये बैटरी
स्मार्टफोन के अंदर लीथियम ऑयन, लीथियम-पॉलीमर, सिलिकन कार्बन बैटरी का यूज किया जाता है. ऐसे में अगर बैटरी की कीमतों में कटौती होती है, जो उससे कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक्स आइटम की कॉस्टिंग को कम करने में मदद कर सकता है.
फोन में बैटरी पैक की अहम भूमिका होती है
स्मार्टफोन इंडस्ट्री में बैटरी पैक की अहम भूमिका होती है. मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग में स्मार्टफोन में बैटरी की कीमत मैटेरियल की कीमत 2 अमेरिकी डॉलर से लेकर 4 अमेरिकी डॉलर तक होती है.
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पूरा बैटरी पैक सेटअप 40 अमेरिकी डॉलर से लेकर 60 अमेरिकी डॉलर तक होता है. भारतीय करेंसी में कन्वर्ट करने पर यह अमाउंट 3,667 रुपये से 5 हजार रुपये तक हो जाता है.
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