साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां विक्टिम के बैंक खाते से 70 लाख रुपये उड़ा लिए हैं. महिला ने विक्टिम को बिटकॉइन में इनवेस्टमेंट का झांसा दिया. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है.
दरअसल, बेंगलुरु स्थित प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले 50 साल के शख्स के पास टेलीग्राम पर एक महिला का मैसेज आया.
महिला ने खुद का नाम प्रिया बताया, इसके बाद उसने कहा कि वह किसी राहुल नाम के शख्स को मैसेज कर रही थीं और गलती से विक्टिम से पास पहुंच गया. महिला ने सॉरी कहकर मैसेज इग्नोर करने को कहा.
टेलीग्राम के बाद वॉट्सऐप पर चैटिंग शुरू
इसके बाद विक्टिम ने चैटिंग जारी रखी. फिर दोनों के बीच वॉट्सऐप नंबर शेयर किए गए. फिर महिला ने कहा कि वह लंदन बेस्ड कंपनी में काम करती हैं और अपने परिवार का बिजनेस चलाती हैं. लंबी चैटिंग के बाद महिला ने विक्टिम का भरोसा जीत लिया.
बिटकॉइन में इनवेस्टमें की चर्चा हुई
महिला ने बिटकॉइन ट्रेडिंग पर चर्चा शुरू कर दी है. महिला ने बताया कि बीते पांच साल के दौरान उन्होंने बिटकॉइन ट्रेडिंग से मोटी कमाई की है.
इंस्टैंट प्रॉफिट का दिया लालच
इसके बाद महिला ने विक्टिम को इनवेस्टमेंट के लिए राजी कर लिया और इंस्टैंट प्रोफिट का भी वादा किया गया. इसके बाद विक्टिम को एक लिंक शेयर किया गया.
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भेजा एक लिंक और क्लिक किया
आरोपी महिला ने विक्टिम को एक लिंक भेजा. विक्टिम ने जब लिंक पर क्लिक किया तो वह उसको एक ऐसे प्लेटफॉर्म पर लेकर गया, जो देखने में ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा था.
शख्स ने तैयार किया अकाउंट
इसके बाद शख्स ने वहां अकाउंट क्रिएट किया और 9 दिसंबर को पहला इनवेस्टमेंट किया. इस इनवेस्टमेंट का अमाउंट 50 हजार रुपये था. विक्टिम ने कुछ समय इंतजार किया और उनको डैशबोर्ड पर प्रोफिट नजर आने लगा.
अलग-अलग बैंक अकाउंट में भेजे रुपये
इसके बाद विक्टिम ने 8 अलग-अलग बैंक अकाउंट में 60 लाख रुपये ट्रांसपर कर दिए. इसके बाद शख्स ने बैंक से लोन तक लिया और रुपये लगा दिए. विक्टिम को प्रोफिट के रूप में 2.6 करोड़ रुपये नजर आने लगे.
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साइबर ठगी का भंडाफोड़ ऐसे हुआ
साइबर ठगी का खुलासा तब हुआ, जब विक्टिम ने अपने प्रोफिट के रुपये निकालने की कोशिश की. इसके बाद विक्टिम के प्रयास असफल रहे. कस्टमर केयर पर कॉल किया तो उन्होंने और रुपये की डिमांड की. इसके बाद विक्टिम को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है. फिर विक्टिम ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर कंप्लेंट दर्ज कराई.
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