क्या सिर्फ एंड्रॉयड ओएस की वजह से ऐपल और सैमसंग को मात दे पाएगी Nokia?

क्या नोकिया इसलिए फिर से बादशाहत कायम कर पाएगी क्योंकि लोगों की यादें इससे जुड़ी हैं? जानिए इसलिए फिर से फ्लॉप हो सकती है नोकिया..

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नोकिया नोकिया

मुन्ज़िर अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 09 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 12:21 PM IST

एक बात तो आप मानेंगे कि अब एंड्रॉयड और iOS कई मायनों में उबाउ हो रहे हैं और स्मार्टफोन के हार्डकोर यूजर्स को एक बेहतर ओएस की जरुरत है. लेकिन नोकिया 2017 में जब नोकिया फिर से बाजार में वापसी कर रही होगी तो जाहिर है यूजर्स को उसमें एंड्रॉयड के अलावा कुछ बेहतर की उम्मीद होगी. लेकिन उन्हें मिलेगा क्या? एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाला नोकिया स्मार्टफोन जिसमें स्नैपड्रैगन का प्रोसेसर, 4GB रैम, 32GB मेमोरी और संभवतः 16 मेगापिक्सल का रियर कैमरा होगा. आप रोजाना ऐसी खबरें सुनते होंगे जिनमें ऐसे ही स्पेसिफिकेशन और फीचर्स वाले स्मार्टफोन लॉन्च होते रहते हैं. तो क्या नोकिया इसलिए फिर से बादशाहत कायम कर पाएगी क्योंकि लोगों की यादें इससे जुड़ी हैं? मुझे तो ऐसा बिल्कुल नहीं लगता.

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इन वजहों से फिर से फ्लॉप हो सकती है नोकिया!
नोकिया के फिर से फ्लॉप होने के कई कारण हैं. उदाहरण के तौर पर . जब ब्लैकबेरी अपने खास ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन लॉन्च करती थी और फ्लॉप होने लगी तो उसे लगा कि एंड्रॉयड लाने से फिर से खोई हुई छवी वापस पा लेंगे. लेकिन क्या ऐसा हुआ? कंपनी ने अब तक तीन एंड्रॉयड स्मार्टफोन लॉन्च कर दिए हैं. वो भी ऐसे स्मार्टफोन जिसकी सिक्योरिटी दुनिया के किसी भी एंड्रॉयड स्मार्टफोन से बेहतर थीं. इसके अलावा ब्लैकबेरी हब जैसे फीचर जिसके लोग हार्डकोर फैन हुआ करते थे, इन सब से ब्लैकबरी को कोई फायदा नहीं हुआ.

ब्लैकबेरी से लेनी होगी नोकिया को सीख
ब्लैकबेरी के हश्र से आप सब वाकिफ होंगे. आलम यह है कि कंपनी ने अपना मोबाइल बिजनेस हमेशा के लिए बंद कर दिया है. हालांकि दूसरी कंपनियों से स्मार्टफोन बनवाएगी.

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नाम तो वही लेकिन क्या वही एक्सपर्ट्स अब भी हैं मौजूद?
अब फिर से नोकिया पर आते हैं. जो नोकिया कि खासियत थी अब वो नहीं रही. नोकिया एचएमडी ग्लोबल के हाथों बिक चुकी है. जिन बेस्ट डिजाइनर्स और इंजीनियर्स के बदौलत नोकिया ने नए आयाम को छुआ था वो माइक्रोसॉफ्ट में जा चुके हैं या उन्होंने अपना स्टार्टअप शुरू कर लिया है. द वर्ज के टेक एक्सपर्ट्स ने कहा है, ऐसा कहा जा सकता है कि नोकिया का नाम नाम तो वही है लेकिन अब शायद दक्षता वो नहीं रही जो पहले थी'

हालांकि ऐसा नहीं है कि नोकिया को बाजार का अंदाजा नहीं है. शायद यही वजह है कि कंपनी ने वदा किया है कि क्वॉलिटी के स्टैंडर्ड हाई होंगे जबकि डिजाइन और इंजीनियरिंग के मामले में दूसरों से बहेतर होंगे. लेकिन ये कुछ अलग नहीं है जो इससे क्लियर विनर का टैग दे सके.

नोकिया ने दुनिया भर में सेट किया है एक अलग स्टैंडर्ड
2012 में नोकिया ने Lumia 920 को इस दावे के साथ लॉन्च किया था कि ये दुनिया सबसे एडवांस्ड स्मार्टफोन है. इसमें ऐसी टच स्क्रीन दी गई थी जिसे दस्ताने लगा कर भी यूज किया जा सकता था. इसके अलावा इसकी बॉडी पॉलीकार्बोनेट की थी और आक्रामक कलर्स भी दिए गए थे. फोटोग्राफी के लिए इसमें प्योर व्यू कैमरा दिया गया जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेब्लाइजेशन था. यह स्मार्टफोन विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलाया गया.

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उस दौर में जब कैमरे में ऑप्टिकल इमेज स्टेब्लाइजेशन कम ही कंपनियों देती थीं. इसी तरह और भी स्पेसिफिकेशन सबसे अलग थे, लेकिन फिर भी आपको पता है कि नोकिया का हश्र क्या हुआ. अब क्या एंड्रॉयड लाने से नोकिया फिर से पुरानी नोकिया बन जाएगी?

ऐपल और सैमसंग के मार्केट शेयर में लगानी होगी सेंध!
मौजूदा दौर में ऐपल और सैमसंग दो ऐसी कंपनियां हैं जो डिजाइन वाले स्मार्टफोन लॉन्च कर रही हैं. ध्यान दें की हम मोटोरोला, शाओमी, लेनोवो और वन प्लस की बात नहीं कर रहे हैं, क्योंकि ये भी किसी से कम नहीं हैं. फिर भी नोकिया को अगर एंड्रॉयड के साथ दुबारा वापसी करनी है तो उसे ऐपल और सैमसंग के मार्केट शेयर में सेंध लगाना होगा. और यह इस दौर में काफी मुश्किल नजर आता है. ऐसा भी संभव है कि नोकिया एंड्रॉयड के साथ वापसी करने के बाद फिर वापसी तो कर लेगी, लेकिन दोयम दर्जे के स्मार्टफोन ही कहलाएगी. जो न तो नोकिया के लिए बेहतर होगा और न हमारे लिए. क्योंकि नोकिया से एक रिश्ता सा बना हुआ है. हम उस नोकिया को जानते हैं जिसने N Series से लेकर 6600 जैसे अनोखे फोन लाए जो डिजाइन से लेकर फीचर तक में नंबर-1 थे.

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लोगों को सिर्फ अलग नहीं नंबर-1 हैंडसेट की है उम्मीद
जाहिर लोग भी यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि फिर से नंबर-1 जैसा ही मामला हो. फिर से नोकिया ऐसे फोन लाए जो दूसरों से डिजाइन, फीचर और क्वॉलिटी के मामलों अलग ही नहीं बल्कि नंबर-1 भी हों. और लोगों की उम्मीद कर पर खरा उतरने के लिए मुझे नहीं लगता कि सिर्फ एंड्रॉयड लाने भर से नोकिया का काम आसान हो जाएगा. इसके लिए अगल डिजाइन और ऐसी क्वॉलिटी लानी होगी जो लोगों ने पहले एक्सपीरिएंस नहीं किया हो.

बहरहाल हम उम्मीद करते हैं कि नोकिया ऐपल और सैमसंग को कड़ी टक्कर दे ताकि और ऐसा स्मार्टफोन लॉन्च करे जिसे रीव्यू करने में मजा आ जाए. इन दिनों एक ही तरह के स्मार्टफोन के बारे में लिख और रीव्यू करके बोर हो रहा हूं शायद.

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