जफरुल इस्लाम खान का मामला पहुंचा हाई कोर्ट, पद से हटाने की मांग

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान का मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है. जफरुल इस्लाम को पद से हटाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. जफरुल इस्लाम ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर विवादित बयान पोस्ट किया था.

Advertisement
दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफर उल इस्लाम खान (फाइल फोटो) दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफर उल इस्लाम खान (फाइल फोटो)

पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 06 मई 2020,
  • अपडेटेड 8:20 AM IST

  • फेसबुक पर किया था विवादित पोस्ट
  • याचिका में पद से हटाने की मांग
  • याचिका पर 11 मई को होगी सुनवाई

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान के सोशल मीडिया पर लिखे गये विवादित पोस्ट का मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है. जफरुल इस्लाम खान को उनके पद से हटाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, यह याचिका वकील अलख आलोक श्रीवास्तव की तरफ से दाखिल की गई है. इस याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 11 मई को सुनवाई करेगा.

Advertisement

याचिका में कहा गया है कि जफरुल इस्लाम खान को उनके पद से हटाने के लिए दिल्ली अल्पसंख्यक कमीशन दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल को कोर्ट की तरफ से आदेश दिया जाए. याचिका में कहा गया है कि जफरुल इस्लाम खान ने देश के विरुद्ध देशद्रोही और नफरत फैलाने वाले बयान सोशल मीडिया पर दिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का सिर झुकाया.

जफरुल इस्लाम खान ने 28 अप्रैल को ट्वीट और फेसबुक में लिखा था कि भारत में मुसलमानों को प्रताड़ित किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने कहा था कि अभी तो भारत में रह रहे मुसलमानों ने उनके खिलाफ लिंचिंग, दंगों और नफरती अभियानों की शिकायत अरब देशों और देश के बाहर के मुस्लिमों से की ही नहीं है. अगर उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाता रहा तो भारत की परेशानियां बढ़ सकती हैं. इतना ही नहीं जफरुल इस्लाम ने कुवैत को भारतीय मुसलमानों के साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद भी दिया.

Advertisement

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

राजद्रोह मामले में नहीं हुई कार्रवाई

इस याचिका में कहा गया है कि उनपर राजद्रोह के मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई, लेकिन दिल्ली सरकार ने कोई कारवाई नहीं की. जफरुल इस्लाम खान ने सोशल मीडिया पर 28 अप्रैल को दिए अपने बयान पर 1 मई को यह कहकर भी माफी मांगी कि अगर उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए माफी चाहते हैं.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

जफरुल इस्लाम ने कहा था कि वह देश भक्त हैं और बाहर के देशों में अपने देश का झंडा ऊंचा रखते हैं. लेकिन जफरुल इस्लाम ने 3 मई को फिर एक स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने कोई भी देश विरोधी बयान सोशल मीडिया पर नहीं दिया है और वह अभी भी अपने बयान पर कायम हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement