भारतीय टीम में जगह बना सकते हैं ISL के युवा खिलाड़ी: सुनील छेत्री

इंडियन सुपर लीग में कुछ युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से प्रभावित भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने कहा कि उनके नाम पर राष्ट्रीय टीम में चयन के लिये विचार किया जा सकता है.

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सुनील छेत्री सुनील छेत्री

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 नवंबर 2014,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST

इंडियन सुपर लीग में कुछ युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से प्रभावित भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने कहा कि उनके नाम पर राष्ट्रीय टीम में चयन के लिये विचार किया जा सकता है. सीएस सबीत, बलवंत सिंह, दुर्गा बोरो, केविन लोबो और संदेश जिंगान जैसे खिलाड़ियों ने आईएसएल में विभिन्न फ्रेंचाइजी टीमों की तरफ से अच्छा प्रदर्शन किया है और छेत्री ने कहा कि राष्ट्रीय टीम का नया कोच इन खिलाड़ियों पर गौर कर सकता है.

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उन्होंने कहा, ‘कुछ युवा खिलाड़ी आईएसएल में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और मैं उनके प्रदर्शन से प्रभावित हूं. मुझे लगता है कि जो भी भारतीय कोच बनेगा वह (चयन के लिये) इन खिलाड़ियों पर भी गौर करेगा. इनमें से कुछ खिलाड़ियों ने भारतीय टीम में जगह भी बनाई थी लेकिन वे देश की तरफ से नियमित तौर पर नहीं खेल पाये थे.

छेत्री ने एक कार्यक्रम से इतर कहा, ‘आईएसएल ने उन्हें अपनी क्षमता दिखाने के लिये मंच प्रदान किया है. उम्मीद है कि वे अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखेंगे. उन्होंने इसके साथ ही कहा कि पहले आईएसएल को भारतीय फुटबॉल प्रेमियों ने सराहा है और उन्हें उम्मीद है कि इसकी लोकप्रियता बनी रहेगी.’ इस 30 वर्षीय स्ट्राइकर ने कहा, ‘फुटबॉल प्रेमियों ने आईएसएल का स्वागत किया है. यह टूर्नामेंट कई चैनलों पर दिखाया जा रहा है और आप इसे अन्य प्रारूप में भी देख सकते हैं. इसकी मार्केटिंग अच्छी तरह से की गई है. मुझे उम्मीद है कि यह टूर्नामेंट आगे भी अपनी लोकप्रियता बनाये रखेगा.’

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छेत्री का अभी आई लीग चैंपियन बंगलुरु एफसी के साथ अनुबंध चल रहा है. उनसे जब भविष्य में आईएसएल में खेलने की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैंने इस बारे में नहीं सोचा है. उन्होंने कहा, हमें (बंगलुरु एफसी) को अगले छह महीनों में 30 से अधिक मैच खेलने हैं जिनमें आई लीग, फेडरेशन कप और एएफसी कप भी शामिल हैं. हम एशियाई क्लब स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर गंभीर हैं.’

छेत्री ने कहा कि भारत को विम कोवरमैन्स के दो साल से अधिक समय के कार्यकाल में कम सफलताएं मिलीं लेकिन इसका दोष कोच को नहीं दिया जाना चाहिए. कोवरमैन्स का अनुबंध पिछले महीने समाप्त हो गया और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ उनके स्थान पर नए कोच की तलाश में है.

इनपुटः भाषा

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