इंडिया ए के कप्तान और मिडिल ऑर्डर बैट्समैन ने जताया जल्द वापसी का भरोसा

पिछले कुछ मैचों में लचर प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया से बाहर हुए बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा वापसी करने को बेताब हैं, और उन्हें भरोसा है कि कुछ ही समय में वह अंतिम एकादश में एक बार फिर जगह पक्की कर लेंगे.

Advertisement
चेतेश्वर पुजारा (फाइल फोटो) चेतेश्वर पुजारा (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 जुलाई 2015,
  • अपडेटेड 7:22 AM IST

पिछले कुछ मैचों में लचर प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया से बाहर हुए बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा वापसी करने को बेताब हैं, और उन्हें भरोसा है कि कुछ ही समय में वह अंतिम एकादश में एक बार फिर जगह पक्की कर लेंगे. इसके साथ ही पुजारा ना सिर्फ भारत ए क्रिकेट टीम की कप्तानी मिलने से खुश हैं बल्कि वह राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में काम करने को लेकर भी उत्सुक हैं.

Advertisement

अपने खेल पर कड़ी मेहनत कर रहा हूं
चयनकर्ताओं ने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ 22 जुलाई से दो चार दिवसीय मैचों के लिए 15 सदस्यीय भारत ए टीम की कमान पुजारा को सौंपी है. अब तक 27 टेस्ट खेलने वाले सौराष्ट्र के बल्लेबाज पुजारा ने भारत की ओर से पिछला टेस्ट दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था. पुजारा ने बीसीसीआई टीवी से कहा, 'मैं नियमित तौर पर टीम का हिस्सा रहा हूं लेकिन कुछ मैच नहीं खेल पाया. मुझे लगता है कि कुछ समय में मुझे अंतिम एकादश में दोबारा जगह मिल जाएगी. मैं अपने खेल पर कड़ी मेहनत कर रहा हूं और मुझे नहीं लगता कि इसे लेकर कोई मुद्दा है. मैं सिर्फ अपने खेल में सुधार कर सकता हूं, भले ही फिर मैं टीम का हिस्सा हूं या नहीं. सभी पूर्व महान खिलाड़ी मुझे यही सलाह दे रहे हैं और मैं यही करना जारी रखूंगा.'

Advertisement

द्रविड़ शानदार मेंटर, साथ काम करने में आएगा मजा
भारत ए के कोच के रूप में यह द्रविड़ की पहली सीरीज होगी और पुजारा इस दिग्गज बल्लेबाज के साथ काम करने की संभावना को लेकर रोमांचित हैं. पुजारा ने कहा, 'यह काफी महत्वपूर्ण होगा द्रविड़ शानदार मेंटर है, मैं उनके संपर्क में हूं और उनसे कई बार बात की है. वह पिछले साल हमारे इंग्लैंड के दौर पर दो हफ्ते भारतीय टीम के साथ रहे थे. जब वह खेलते थे तो मैंने उन्हें ट्रेनिंग करते हुए देखा है और एनसीए में उनसे बात भी की है.' उन्होंने आगे कहा, 'बेशक खेल के बारे में उनका ज्ञान शानदार है और वह जिस तरह से समझाते हैं उससे सभी काफी सहज हो जाते हैं. इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के दौरों के बारे में पुजारा ने कहा कि इन दो देशों में खेलने से उन्होंने विफलता को स्वीकार करना सीखा.

इंग्लैंड में खेलकर बहुत कुछ सीखा
उन्होंने कहा, 'आपको अपनी विफलता को स्वीकार करने की जरूरत है. इंग्लैंड दौरे से पहले मैं जितने रन बना रहा था उसके कारण मैंने हमेशा सोचा कि मैं किसी भी मैच में शतक बना सकता हूं, इसलिए रन नहीं बना पाना मेरे लिए हताशा भरा अनुभव रहा. समय के साथ मैंने इसे स्वीकार करना सीखा. पुजारा ने अपने खेल में नया आयाम लाने का श्रेय इंग्लैंड में खेलने के अनुभव को दिया. उन्होंने कहा, 'मैंने इंग्लैंड में खेलने का काफी लुत्फ उठाया. जब आप इंग्लैंड में खेलते हो तो चीजें मुश्किल होती हैं, विशेषकर सत्र की शुरूआत यानि कि अप्रैल और मई के महीने में. मौसम ठंडा होता है और ताजा विकेट पर गेंद काफी मूव करती है, एक बल्लेबाज के रूप में यह चुनौती होती है और दबाव दोगुना होता है क्योंकि एक छोटी गलती पर आप विकेट गंवा देते हो.

Advertisement

इनपुट: भाषा

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement