पीएम के आर्थिक पैकेज को ममता बनर्जी ने बताया बिग जीरो, बोलीं- लोग छले गए

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पीएम मोदी का 20 लाख का आर्थिक पैकेज छलावा है. पीएम मोदी को किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए था, जैसा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने किया था. उन्होंने कहा कि इस पैकेज में राज्यों को कुछ नहीं मिला है. हमारे वित्त मंत्री अमित मित्रा ने अभी आपको समझाया कि 20 लाख करोड़ रुपये में 10 करोड़ की योजनाएं पहले से ही चल रही हैं, और राज्यों को कुछ नहीं मिला है.

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फोटो- पीटीआई) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फोटो- पीटीआई)

इंद्रजीत कुंडू

  • कोलकाता,
  • 13 मई 2020,
  • अपडेटेड 6:56 PM IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक पैकेज को देश की जनता के साथ धोखा बताया है और कहा है कि ये बिग जीरो है. ममता बनर्जी ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री देशवासियों को कुछ देंगे, लेकिन वे छले गए हैं उन्हें कुछ नहीं मिला है.

पैकेज में राज्यों को कुछ नहीं मिला

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ममता बनर्जी ने कहा कि पीएम मोदी का 20 लाख का आर्थिक पैकेज छलावा है. पीएम मोदी को किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए था, जैसा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने किया था. उन्होंने कहा कि इस पैकेज में राज्यों को कुछ नहीं मिला है. हमारे वित्त मंत्री अमित मित्रा ने अभी आपको समझाया कि 20 लाख करोड़ रुपये में 10 करोड़ की योजनाएं पहले से ही चल रही हैं, और राज्यों को कुछ नहीं मिला है.

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केंद्र गार्जियन है, राज्य बच्चे- ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एक गार्जियन संस्था की तरह है, और राज्य के उसके बच्चे हैं, सिर्फ बोलने और आईटी सेल की सेवा लेने से कुछ नहीं होता है. उन्होंने कहा, "माता-पिता बच्चों का पालन पोषण करते हैं, एक संघीय व्यवस्था में केंद्र राज्यों का अभिभावक है, उनकी जिम्मेदारी है कि वो राज्यों की देखभाल करें, लेकिन वे सिर्फ बीजेपी के बेवकूफ सेल (आईटी सेल) को सक्रिय कर रहे हैं, वे झूठी खबरें फैला रहे हैं ताकि साम्प्रदायिक दंगा फैलाया जा सके."

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कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पा रहे हैं राज्य

ममता बनर्जी ने सवाल पूछा कि आखिर राज्यों का खर्चा कैसे चलेगा, रिसेसन की शुरूआत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि कई राज्य आर्थिक तंगी की वजह से अपने कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पा रहे हैं. पीएम के संबोधन जान हैं तो जहान है पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इस लॉकडाउन के बहाने केंद्र राज्यों के अधिकारों को अपनी मुठ्ठी में कैद कर रही है, राज्यों का अधिकार छीना जा रहा है, जान और जहान...जिंदगी और आजीविका दोनों थम से गए हैं.

ममता बनर्जी ने कहा कि राज्यों को आर्थिक रूप से ध्वस्त किया जा रहा है, राजनीतिक से अस्थिरता फैलाई जा रही है, लेकिन केंद्र को समझना चाहिए कि राज्य एक मजबूत राष्ट्र के खंभे हैं.

सरकारी कर्मचारियों के लिए आर्थिक लाभ की घोषणा

कोरोना संकट के बीच ममता बनर्जी ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए आर्थिक फायदे की घोषणा की है. इसके तहत ममता बनर्जी राज्य के 10 लाख कर्मचारियों को 10 हजार रुपये का फेस्टिवल एडवांस देगी. अब राज्य में 34000 रुपये तक की सैलरी वाले कर्मचारी भी फेस्टिवल एडवांस लेने योग्य होंगे

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