टेस्ट कैप मिलने पर क्या सोचने लगे थे कुलदीप, चाइनामैन गेंदबाज ने खोला राज

भारतीय टीम के स्पिनर कुलदीप यादव ने बताया है कि जब 2017 में धर्मशाला में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट कैप मिली थी, तब वह निशब्द हो गए थे.

Advertisement
Kuldeep Yadav (File photo) Kuldeep Yadav (File photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2020,
  • अपडेटेड 2:51 PM IST

भारतीय टीम के स्पिनर कुलदीप यादव ने बताया है कि जब 2017 में धर्मशाला में उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट कैप मिली थी, तब वह निशब्द हो गए थे. वह भारत के लिए खेलने वाले पहले बाएं हाथ के चाइनामैन गेंदबाज भी बन गए थे.

कुलदीप ने टीम इंडिया के साथी मयंक अग्रवाल के शो 'ओपन नेट्स विद मयंक' में कहा, 'जब मुझे टेस्ट कैप मिली थी तो मैं निशब्द हो गया था. मुझे नहीं पता था कि क्या हो रहा है और दूसरे लोग क्या बोल रहे हैं, क्योंकि यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा पल था.'

Advertisement

जब कुलदीप यादव को मिली टेस्ट कैप -

चाइनामैन गेंदबाज ने कहा, 'मुझे याद है कि मेरा पहला टेस्ट विकेट डेविड वॉर्नर का था. मैं काफी भावुक हो गया था क्योंकि टेस्ट क्रिकेट खेलना मेरा सपना था और पहले ही दिन मुझे विकेट मिल गया था. यह सोने पर सुहागा जैसा था. इसलिए मैं और भावुक हो गया था.'

पहला टेस्ट विकेट लेने के बाद -

इस मैच में कुलदीप ने 4 विकेट लिये थे. भारत ने इस मैच को आठ विकेट से अपने नाम किया था. कुलदीप ने अपनी दूसरी वनडे हैट्रिक के बारे में भी बात की, जो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ विशाखापत्तनम में ली थी.

उन्होंने कहा, 'यह मेरे जीवन की बड़ी उपलब्धि थी. हम लोग बहुत दिनों के बाद खेल रहे थे, क्योंकि या तो मैं खेलता था या युजवेंद्र चहल. इसलिए मैं टीम में वापसी कर रहा था. कुलदीप ने इस हैट्रिक में शाई होप, जेसन होल्डर, अल्जारी जोसेफ के विकेट निकाले थे.

Advertisement

उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास था कि मैं हैट्रिक ले सकूंगा क्योंकि निचले क्रम के बल्लेबाज खेल रहे थे. यह हैट्रिक हमेशा से मेरे लिए सबसे विशेष रहेगी.'

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement