आजम की PM मोदी से अपील- सांप्रदायिकता फैलाने वालों पर रखें नियंत्रण

गोमांस पर प्रतिबंध और इस ओर बढ़ रहे विवाद के बीच अखिलेश सरकार में मंत्री आजम खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हालात पर काबू पाने की अपील की है. आजम ने इसके साथ ही एक बयान जारी कर कहा कि देश में जिन फाइव स्टार होटलों में बीफ परोसा जाता है, उनकी बाबरी मस्जिद की तरह ही ईंट से ईंट बजा देनी चाहिए.

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समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 अक्टूबर 2015,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

गोमांस पर प्रतिबंध और इस ओर बढ़ रहे विवाद के बीच अखिलेश सरकार में मंत्री आजम खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हालात पर काबू पाने की अपील की है. आजम ने इसके साथ ही एक बयान जारी कर कहा कि देश में जिन फाइव स्टार होटलों में बीफ परोसा जाता है, उनकी बाबरी मस्जिद की तरह ही ईंट से ईंट बजा देनी चाहिए.

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आजम खाने ने अपने बयान में पीएम मोदी से कहा है, 'हम प्रधानमंत्री से बार-बार अपील कर रहे हैं कि वह उन लोगों पर नियंत्रण रखें जो सांप्रदायिकता और हिंसा फलाते हैं. प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लोकल मुद्दे उठाते हैं, इसलिए हम यूएन में सांप्रदायिक हिंसा के मामले उठाएंगे.'

दादरी में गोमांस रखने की अफवाह पर इखलाक नाम के शख्स की पीट-पीटकर हत्या के मामले से खफा मंत्री ने इस ओर एक लिखि‍त बयान जारी किया है. हालांकि नाराजगी जाहिर करने के लिए लिखे गए इस बयान में उन्होंने संवदेनशील टिप्पणी कर दी है.

सपा नेता ने 'गोभक्तों' को चुनौती देते हुए कहा है कि हर 'गोभक्त' आज के बाद किसी भी होटल के मेन्यू में बीफ की कीमत न लिखने दें. उन्होंने बयान में लिखा है, 'अगर ऐसा हो तो ऐसे सभी पांच सितारा होटलों की उसी तरह ईंट से ईंट बजा दें, जिस तरह बाबरी मस्जिद की बजाई थी.'

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काटजू के बयान का समर्थन
आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस मार्केंडेय काटजू के गोमांस संबंधी बयान का समर्थन किया है. उन्होंने इसके बहाने भी 'गोभक्तों' को निशाने पर लिया है. बयान में लिखा गया है, 'गोभक्त होने का दावा करने वाले सिर्फ गरीब मुसलमान पर ही हमला कर सकते हैं. जस्टिस काटजू ने जब बीएचयू में गोमांस खाने को लेकर बयान दिया था तो उस वक्त कई गोभक्त और मोदी भक्त भी वहां मौजूद थे. बावजूद इसके किसी की हिम्मत नहीं हुई कि कुछ कह सके. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि गोमांस खाने और उसका समर्थन करने वाला कोई गरीब मुसलमान नहीं था.'

गोहत्या के खिलाफ बने कानून
लिखि‍त बयान के अंत में आजम ने कहा है कि गाय का सम्मान कश्मीर से कन्याकुमारी तक होना चाहिए. उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि कानून बनाकर देश में गोहत्या और गोमांस खाने पर पाबंदी लगाई जाए. यही नहीं, उन्होंने गाय के चमड़े से बनी दवाइयों, सभी प्रकार के सामान, पर्स और बेल्ट को भी बाजार से हटाने की मांग की है.

आजम ने कहा है कि सरकार विशेष रूप से पूर्वोत्तर के राज्यों नागालैंड, मेघालय और मिजोरम में गोहत्या पर पाबंदी लगाए.

पढ़ें, आजम खान का पूरा लिखि‍त बयान-{mospagebreak}

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