यूपी: पशुधन विभाग फर्जीवाड़े में हेड कॉन्स्टेबल पर गिरी गाज, हुआ सस्पेंड

यूपी में पशुधन विभाग में टेंडर फर्जीवाड़े के मामले में जांच तेज हो गई है. इस मामले में यूपी पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल दिलबहाल सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है. एसीपी गोमतीनगर इस मामले की जांच कर रहे हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 23 जून 2020,
  • अपडेटेड 3:03 PM IST

  • मामले में एसटीएफ ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है
  • अब एक हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है

यूपी में पशुधन विभाग में टेंडर फर्जीवाड़े के मामले में जांच तेज हो गई है. इस मामले में यूपी पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल दिलबहाल सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है. एसीपी गोमतीनगर इस मामले की जांच कर रहे हैं. इस मामले में एसटीएफ ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों में उत्तर प्रदेश के पशुधन विभाग के राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद के प्रधान निजी सचिव तक शामिल हैं.

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यह फर्जीवाड़ा साल 2018 में शुरू हुआ था, जिसमें लखनऊ में तैनात आईपीएस अधिकारी और कुछ पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत का भी पता चला है. यूपी एसटीएफ इस पूरे मामले की जांच कर रही थी. जांच के मुताबिक पशुधन विभाग में फर्जी टेंडर के माध्यम से 9 करोड़ 72 लाख रुपये की ठगी की गई.

आरोपियों ने व्यापारी से की थी ठगी

आरोपियों ने इंदौर के मनजीत सिंह नाम के बिजनेसमैन को करीब 200 करोड़ रुपये का टेंडर दिलाने के लिए अपने जाल में फंसाया और उसे बताया उसकी मुलाकात निदेशक पशुधन विभाग से करा कर तसल्ली कराई जाएगी. अब यहां जालसाजों ने अपना खेल शुरू किया.

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सचिवालय में सरकार की तरफ से मिले हुए कमरे का इस्तेमाल पशुधन निदेशक के कमरे के रूप में किया गया. यानी उस कमरे पर निदेशक की फर्जी पट्टी लगा दी गई और आरोपी आशीष राय खुद निदेशक बनकर वहां बैठ गया. बाकी आरोपियों ने मंजीत की मुलाकात उससे कराई और कहा कि आपका काम हो जाएगा.

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