देश भर में भले ही GST लागू कर दिया गया हो लेकिन पीएम मोदी के राज्य में ही व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है. सूरत कपड़ा बाजार के हजारों व्यापारी जीएसटी के विरोध में सड़क पर उतरे. व्यापारियों ने रैली निकाल कर जीएसटी के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन किया. इसके साथ ही सूरत कपड़ा कारोबारियों ने घोषणा की है कि जब तक जीएसटी को लेकर हल नहीं आता तब तक कपड़ा बाजार पूरी तरह से बंद रहेगा.
सूरत एशिया के सबसे बड़े टेक्सटाइल हब के तौर पर दूनिया भर में मशहूर है. वहां इस बीच हजारों की संख्या में व्यापारी सड़कों पर उतरे. ये लोग अलग-अलग टेक्सटाइल मार्केट के व्यापारी हैं. इन व्यापारियों ने पिछले 10 दिनों से पर लगे जीएसटी के खिलाफ आंदोलन छेड़ रखा है. इसी क्रम में आज व्यापारियों ने पूरे मार्केट में रैली निकाली और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जीएसटी को व्यापारियों को गला घोटने वाला बताया. इन व्यापारियों की मानें तो वे सरकार को टैक्स देने से मना नहीं कर रहे हैं. वे सरकार को एक बार टैक्स देने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनका कहना है कि सरकार चाहे तो कुक टर्नओवर का 2% टैक्स ले ले या फिर करे.
उल्लेखनीय है कि एशिया का टेक्सटाइल हब कहे जानेवाले सूरत कपड़ा बाजार में तकरीबन 400 टेक्सटाइल मार्केट हैं. तीन लाख से अधिक कपड़ा व्यापारी हैं. प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 12 लाख से अधिक लोगो को कारोबार देनेवाला कपडा बाजार जीएसटी के विरोध में लगातार बंद है.
अब देखना है कि टेक्सटाइल व्यापारियों और सरकार के बीच जीएसटी को लेकर शुरू हुई इस लड़ाई का क्या अंत होता है? फिलहाल व्यापारी और सरकार अपने अपने निर्णय पर अड़े हुए हैं और इन सब के बीच उन आम लोगो का नुकसान हो रहा है जो बाजार के चलने से अपनी रोजी-रोटी का जुगाड़ करते थे.
विष्णु नारायण / गोपी घांघर