थप्पड़ फेम डायरेक्टर अनुभव सिन्हा का संदेश, महिलाओं का 'चलता है' एटीट्यूड गलत

थप्पड़ के डायरेक्टर अनुभव सिन्हा ने समाज की महिलाओं के लिए जरूरी संदेश दिया है. उन्होंने महिलाओं को भी इस बात के लिए दोषी बता दिया है.

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अनुभव सिन्हा अनुभव सिन्हा

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 10:46 AM IST

अनुभव सिन्हा की फिल्म थप्पड़ को दर्शकों ने काफी पसंद किया है. अपने जरूरी सोशल मैसेज के चलते फिल्म ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं. फिल्म में तापसी पन्नू की भी एक्टिंग की काफी तारीफ की जा रही है. अब फिल्म के डायरेक्टर अनुभव सिन्हा ने समाज की महिलाओं के लिए एक जरूरी संदेश दिया है. उनके मुताबिक महिलाओं का हर चीज में एडजस्ट करना ही मुसीबत की जड़ है.

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चलता है एटिट्यूड गलत-अनुभव

अनुभव ने IANS को दिए इंटरव्यू में बताया है कि महिलाओं के एडजस्टमेंट करने के चलते उन्होंने अपने आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाई है. वे कहते हैं, 'किसी भी प्रकार की हिंसा तब सामान्य लगने लगती है जब इंसान उसे नॉर्मल समझने लगता है'. अनुभव के मुताबिक 'ये चलता है' एटिट्यूड गलत है. इसके चलते महिलाएं ना सिर्फ अपने पर हो रहे अत्याचारों को चुपचाप सहती हैं बल्कि कभी अन्याय के खिलाफ बोलने की हिम्मत भी नहीं दिखातीं.

फिल्म थप्पड़ भी इसी थीम पर आधारित है जहां इस 'चलता है' वाले रवैया पर सीधी चोट की गई है. फिल्म में दिखाया गया है कि किसी भी प्रकार की हिंसा को सही नही बताया जा सकता. वैसे देखा जाए, थप्पड़ को प्रमोट भी काफी यूनीक अंदाज में किया गया था. फिल्म के माध्यम से मांग उठी थी कि महिला हिंसा पर भी डिस्क्लेमर दिखाया जाना चाहिए. खुद तापसी ने लोगो से उस मुहीम को सपोर्ट करने की अपील की थी.

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बॉक्स ऑफिस पर सुस्त रफ्तार

तापसी की ये नई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो जरूर थोड़ी फीकी पड़ती दिखाई दे रही है लेकिन फिल्म का कंटेंट और अदाकारी ने सभी का ध्यान खींचा है. फिल्म को बेहतरीन रिव्यू भी मिले हैं. बता दें, अनुभव सिन्हा निर्देशित फिल्म में तापसी के अलावा पवेल गुलाटी भी अहम किरदार में हैं. उनकी एक्टिंग की भी सब जगह खूब तारीफ हो रही है.

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