मिलिए इस वन अधिकारी से, जिन्होंने आदिवासी इलाकों में बनवाए 500 टॉयलेट

देश में शौचालय एक अहम समस्या है. कई रिपोर्ट्स में सामने आया है कि देश में आज भी आबादी के बड़े हिस्से को शौचालय नसीब नहीं है. इसके लिए सरकार से लेकर कई एनजीओ, संगठन भी काम कर रहे हैं.

Advertisement
फोटो साभार- Twitter फोटो साभार- Twitter

मोहित पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 1:46 PM IST

देश में शौचालय एक अहम समस्या है. कई रिपोर्ट्स में सामने आया है कि देश में आज भी आबादी के बड़े हिस्से को शौचालय नसीब नहीं है. इसके लिए सरकार से लेकर कई एनजीओ, संगठन भी काम कर रहे हैं. लेकिन हमारे बीच एक ऐसी महिला भी है, जिन्होंने अकेले ही बिना किसी मदद के करीब 500 टॉयलेट बनवाए हैं. खास बात ये है कि उन्होंने ये काम कई सालों में नहीं किया है, बल्कि महज तीन महीनों में कर दिखाया है.

Advertisement

हम बात कर रहे हैं सेक्शनल फोरेस्ट ऑफिसर पीजी सुधा की, जिन्होंने यह कारनामा कर दिखाया है. सुधा ने अकेले केरल के एर्नाकुलम जिले के 9 आदिवासी इलाकों में 497 शौचालय बनवाए हैं. उन्होंने यह काम महज तीन महीनों में किया है. सुधा 16 साल पहले राज्य वन विभाग से जुड़ी थीं और वो खुद आदिवासी इलाकों से आती हैं. उन्हें 2006 में केरल के मुख्यमंत्री की ओर से बेस्ट फोरेस्ट गार्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया था.

उनकी आदिवासी क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी ने उनकी मदद की और उन्होंने यह काम कम समय में पूरा किया. द बेटर इंडिया वेबसाइट के अनुसार उनका कहना है कि यह उनके लिए आसान काम नहीं था. जब भी वो किसी ठेकेदार से ये काम करने के लिए कहती थीं तो वो मना कर देता था, क्योंकि इन इलाकों में सामान लाना और मजदूर उपलब्ध करवाना काफी मुश्किल था.

Advertisement

उन्होंने बताया कि कई ऐसे स्थान भी थे, जहां पहुंचना काफी मुश्किल है और वहां जाने के लिए तीन घंटे लगता है और पैदल ही जाना पड़ता है. उन स्थानों पर टॉयलेट बनाने के लिए ठेकेदार तीन गुना ज्यादा पैसे मांगते थे लेकिन उसके बाद उन्होंने आदिवासी लोगों के साथ मिलकर ही ये काम किया. रिपोर्ट्स के अनुसार कई बार उन्हें खुद भी नाव में सामान ढोकर ले जाना पड़ता था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement