IAS की तैयारी कर रहे छात्र परेशान, पढ़ाई का कीमती वक्त खा रही हैं ATM कतारें

नोटबंदी के बाद अभी भी बैंकों और ATM में लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं. इन लाइनों में ऐसे छात्र भी हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्‍ली आए थे पर अब लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं.

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मेधा चावला

  • नई दिल्‍ली,
  • 12 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 10:02 PM IST

नोटबंदी के बाद ATM और बैंकों की कतारें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. ऐसे में उन छात्रों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जो दिल्ली पढ़ने के लिए आए हुए हैं. इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) परीक्षा से लेकर हर तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र शामिल हैं.

ऐसे छात्र किराए का कमरा लेकर दिल्ली में रहते हैं. इनके मकान मालिक सिर्फ कैश में ही मकान का किराया मांग रहे हैं. अब इनकी परेशानी है कि वो ATM की कतारों में लगकर कैश इकट्ठा करें या परीक्षा की तैयारी करें.

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ब्रह्मपाल कुमार गौतम ऐसे ही छात्र हैं, जो अलीगढ़ से दिल्ली IAS की तैयारी के लिए आए हुए हैं. ब्रह्मपाल इस साल दूसरी बार ये परीक्षा देने जा रहे हैं. मुखर्जी नगर में एक छोटे से कमरे के लिए इन्हें करीब 8 हजार रुपए महीना किराया देना पड़ रहा है. गौतम कहते हैं कि इस वक्त उनकी तैयारी का निर्णायक समय है लेकिन उन्हें एटीएम की कतारों में लगकर समय बर्बाद करना पड़ रहा है.


बिहार के राजीव मिश्रा और गाजीपुर के संतोष चौहान भी ऐसे ही छात्र हैं, जो एक ही कमरे में साथ रहकर IAS की तैयारी कर रहे हैं. मिश्रा और चौहान दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले का समर्थन करते हैं लेकिन ये कहना भी नहीं भूलते कि एटीएम कतारों में लगने से समय बहुत खराब हो रहा है.चौहान के मुताबिक दिक्कत ये भी है की हर जगह पेटीएम से या ऑनलाइन पेमेंट करना मुमकिन नहीं है.

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कुछ छात्रों को एटीएम कतार में लगे होने के दौरान ही किताबें थामे हुए पढ़ाई करते देखा जा सकता है. छात्रों ने कैश की दिक्कत की वजह से अपना सोने का वक्त भी कम कर दिया है. कतार में लगने में जो समय खर्च होता है, उसकी भरपाई वो नींद में कटौती से कर रहे हैं. ऐसे में उन्हें स्वास्थ्य की समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है.

बहरहाल, हर कोई इंतजार कर रहा है कि कैश की दिक्कत जल्दी से जल्दी दूर हो और उन्हें एटीएम कतार में लगने के झंझट से मुक्ति मिले.

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