इंडिया टुडे के स्टेट ऑफ़ स्टेट्स (एसओएस) कॉन्क्लेव का पंजाब संस्करण गुरुवार को आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान अंतिम सेशन पंजाब के म्यूजिक पर आधारित था, जिसका नाम था म्यूजिक मेड इन पंजाब. इसमें ख्यात सिंगर, कवि, कंपोजर डॉ. सतिंदर सरताज और सिंगर गिन्नी माही ने शिरकत की.
सतिंदर ने कहा- "मेरा कोई म्यूजिकल बैकग्राउंड नहीं रहा, लेकिन शुरू से ही कुछ था अंदर जो मुझे म्यूजिक की ओर ले गया. शायराना कोई भी हो सकता है, लेकिन इसे संभालकर रखना बड़ी बात है. मैं विदेश में डांसिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका हूं. तीसरी क्लास में पहला परफॉर्मेंस दिया था." पंजाबी सॉन्ग के बोल का स्तर गिरने और इसकी आलोचना होने पर सतिंदर ने कहा- "ये बदलाव मनोवैज्ञानिक रूप से आएगा, न कि जबर्दस्ती. हमने एक कैंपेन चलाया है सेव यूथ, सेव पंजाब. आप म्यूजिक की इस समस्या को सिंगर और राजनेताओं के जरिए नहीं सुलझा सकते. हमें तो बताया जाता है कि जिसकी मांग हो, वो बनाया जाएगा. अब सब इसमें ऑडियंस के ऊपर होता है."
तकनीकी के जमाने में बहुत ज्यादा सिंगर आने से क्वालिटी पर प्रभाव पड़ने को लेकर सरताज ने कहा, "दोनों में ये खराब है. साठ से नब्बे तक सुपरस्टार होते थे. लेकिन आज की तारीख में ऐसा होना बहुत मुश्किल है. कंटेंट जब बहुत ज्यादा हो जाता है तो च्वाइस कम हो जाती है. देखिए नेटफ्लिक्स जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की वजह से लोग अब ज्यादा सिनेमा नहीं देखने जाते. ऑनलाइन प्रमोशनल स्ट्रेटजी की स्थिति में लोग अपने यूट्यूब पर जो करना चाहते हैं कर रहे हैं. कोई सेंसर नहीं हैं वहां. लोगों की एक टेंडेंसी है देखने की. इसलिए चीजें खराब हो रही हैं. अब ठेका शराब का भी है और दूध का भी है. तय करना है कि क्या लेना है. तकनीकी ग्रोथ में जो स्थिति बन रही है उसमें कलाकारों का नुकसान हो रहा है.
डॉ. सतिंदर सरताज ने कहा, "कलाकारों को हमेशा अटेंशन की जरूरत होती हैं. हमारी यह अप्रोच है कि आप जो कहना चाहते हैं उसे कहने से आपको कोई रोक नहीं सकता. दूसरी बात जो चीज बिक रही है उसे बनाने में कोई हर्ज नहीं है. अगर ऑडियंस कुछ डिमांड कर रही है तो आप उस डिमांड के आगे कुछ कर नहीं सकते. अब दुनिया एक ग्लोबल विलेज बन चुकी हैं. ऐसे में तमाम चीजें आप रोक नहीं सकते. आप किसी चीज पर पाबंदी नहीं ला सकते. कुछ ही सेकेंड में तमाम चीजें मोबाइल पर आ जाती हैं.
नए सिंगर्स के बारे में बता करते हुए सरताज ने कहा, इस समय के सिंगर्स में मुझे अरिजीत सिंह की आवाज सबसे अच्छी लगती है. वे दिल से गाते हैं.
गिन्नी माही ने कहा- मेरे करियर की बस अभी शुरुआत है. मैं मंजिल की तरफ बढ़ती जा रही हूं. मेरा टारगेट प्लेबैक सिंगर बनना है. गिन्नी ने आगे कहा- मैं चाहती हूं कि मेरा हर एक गाना लोगों को कोई संदेश दे. मेरे गाने में एक सच्चाई और मानवता होनी चाहिए. दुनिया के हर धर्म गुरु की कही बातों को मैं अपने गानों के जरिए कहना चाहती हूं. संदेश यही है कि पूरे संसार में एकता होनी चाहिए.
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