एक पूर्व चयनकर्ता का दावा है कि चयनसमिति द्वारा 2011-12 में ही विराट कोहली को एकदिवसीय टीम का कप्तान बनाए जाने का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन तात्कालीन बोर्ड अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन के विरोध के चलते ऐसा हो नहीं पाया.
2011-2012 में काम कर रही चयन समिति के सदस्यों में से एक राजा वेंकट ने एक बांग्ला समाचार पत्र 'ईबेला' में लिखा है कि 'कई चयनकर्ता टीम की एकता को बनाए रखने के लिए किसी युवा को नेतृत्व सौंपना चाहते थे और इसके धोनी के स्थान पर .' वेंकट ने आगे लिखा, 'हमने तो तीन साल पहले ही बनाने का फैसला कर लिया था. हमने इस सबंध में कोशिश भी की लेकिन के कारण हम अपने प्रयास में असफल रहे'
'आप विदेशी दौरे लिए टीम का चयन की संस्तुति के बिना नहीं कर सकते. हम चाहते थे कि कोहली नए कप्तान बनें लेकिन श्रीनिवासन कप्तान नहीं बदलना चाहते थे.' वेंकट के मुताबिक 2010-2011 की देवधर ट्रॉफी में उत्तर क्षेत्र का नेतृत्व करने वाले कोहली ने अपनी क्षमता से सबको प्रभावित किया था. वेंकट ने लिखा, 'हम उसी समय समझ गए थे कि आने वाले दिनों में कोहली एक काबिल कप्तान बनेंगे। यह उन्होंने 2008 के अंडर-19 विश्व कप के दौरान भी साबित किया था.' वेंकट के इस बयान को लेकर श्रीनिवासन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
एजेंसी
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