AAP विधायक सोमनाथ भारती इनदिनों दिल्ली पुलिस से लुकाछिपी का खेल रहे हैं. कभी दिल्ली का कानून मंत्री रहा ये शख्स अब खुद ही कानून के शिकंजे में जकड़ता जा रहा है. उनपर ये मुसीबत उनकी पत्नी लिपिका मित्रा के घरेलू हिंसा के आरोपों के बाद टूट पड़ी. लिपिका ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति उनसे मारपीट करते हैं. वो जब गर्भवती थीं, तब उनके ऊपर कुत्ता छोड़ देते थे.
लिपिका ने अपनी शिकायत में कहा था कि वह और उनके बच्चे पति सोमनाथ भारती से मानसिक, शारीरिक और मौखिक प्रताड़ना एवं यातना का सामना कर रहे हैं. उनके अपने पति और उनके समर्थकों से खतरा है. जब वह तीसरी बार गर्भवती हुईं तब भारती ने उन्हें गर्भपात के लिए बाध्य किया. निरंतर उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने एक बार अपनी कलाई काट लेने की कोशिश की थी.
पुलिस ने सोमनाथ पर घरेलू हिंसा की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया. उन पर धारा 307- जानलेवा हमला, धारा 313- गर्भवति पर हमला, धारा 511- गर्भपात पर दबाव, धारा 506- जान से मारने की धमकी, धारा 324- हथियार से मारना, धारा 498 A- पत्नी पर जुल्म ढाना, धारा 406- रिश्ते में धोखाधड़ी, धारा 417- चिटिंग, धारा 420- धोखाधड़ी, धारा 34- आपराधिक नीयत से पीटना आदि लगाई गई है.
घरेलू हिंसा कानून 2005 में बनाया गया और इसे 26 अक्टूबर, 2006 से लागू किया गया. यह कानून महिला बाल विकास द्वारा संचालित किया जाता है. यह कानून ऐसी महिलाओं के लिए है, जो कुटुंब के भीतर होने वाली किसी तरह की हिंसा से पीडित हैं. इसमें अपशब्द कहने, किसी प्रकार की रोक-टोक करने और मारपीट करना आदि शामिल हैं. इसके तहत महिलाओं के हर रूप मां, भाभी, बहन और पत्नी आदि को शामिल किया जाता है.
घरेलू हिंसा कानून के तहत महिला किसी भी व्यस्क पुरुष के खिलाफ केस दर्ज करा सकती है. IPC की धारा 498 के तहत किसी महिला के ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा की गई क्रूरता, जिसके अंतर्गत मारपीट से लेकर कैद में रखना, खाना न देना और दहेज के लिए प्रताड़ित करना आदि आता है. इस कानून के तहत अपराधियों को तीन वर्ष तक की सजा दी जा सकती है.
अपहरण, भगाना या महिला को शादी के लिए मजबूर करने जैसे अपराध के लिए अभियुक्त के खिला़फ धारा-366 लगाई जाती है. इसके तहत 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है. पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरा विवाह करना धारा-494 के तहत जघन्य अपराध है. इसके तहत अभियुक्त को सात वर्ष की सजा मिल सकती है. यदि कोई व्यक्ति किसी महिला का अपमान करता है तो उसे धारा-499 के तहत दो साल की सजा मिल सकती है.
दहेज मांगना और उसके लिए प्रताड़ित करना बेहद जघन्य है. इसके लिए भारतीय क़ानून में उम्रकैद की सजा का प्रावधान है, जो धारा-304 के तहत सुनाई जाती है. किसी लड़की या महिला पर आत्महत्या के लिए दबाव बनाना भी संगीन अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके लिए धारा-306 के तहत 10 वर्ष की सजा मिलती है. सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता करने पर धारा-294 के तहत तीन माह का कैद या जुर्माने का प्रावधान है.
मुकेश कुमार