मुंबई की झुग्गियों से निकलकर ऑस्कर अवॉर्ड्स तक का सफर तय करने वाले अजहरुद्दीन इस्माइल एक बार फिर अर्श से फर्श पर आ गए हैं. डैनी बॉयल की फिल्म स्लमडॉग मिलियनेर में अहम भूमिका निभा चुके बाल-कलाकार अजहरुद्दीन को इस फिल्म में काम करने के बाद काफी पहचान मिली लेकिन वो इसे भुनाने में नाकाम रहे और उन्हें एक बार फिर गरीबी की अंधेरी गलियों का सामना करना पड़ रहा है.
दरअसल 8 ऑस्कर जीतने वाली स्लमडॉग मिलियनेर को मिली जबरदस्त सफलता के बाद डायरेक्टर डैनी बॉयल ने 'जय हो' नाम का ट्रस्ट बनाया था. इस ट्रस्ट का मकसद फिल्म के नन्हें एक्टर्स अजहर और रुबीना कुरैशी की मदद करना था. ये दोनों बच्चे मुंबई की झुग्गियों में रहते थे लेकिन जय हो चैरिटेबल ट्रस्ट के चलते दोनों बच्चों की जिंदगी को बेहतर बनाने की कोशिश की गई और दोनों बाल कलाकारों को फ्लैट्स और मासिक भत्ता भी ट्रस्ट की तरफ से मिलने लगा था.
स्लमडॉग मिलियनेर के 10 साल बाद अजहर अपने सांता क्रूज में स्थित फ्लैट को बेच चुके हैं और एक बार फिर झुग्गियों में रह रहे हैं. पिछले कुछ समय में ये एक्टर ना केवल अपनी लोकप्रियता खो चुके हैं बल्कि अपनी पूंजी भी गंवा चुके हैं और बांद्रा ईस्ट के स्लम में रह रहे हैं. मुंबई मिरर ने इस मामले में अजहर की मां के साथ खास बातचीत की. अजहर की मां शमीमा ने बताया कि वो बिजनेस में काफी नुकसान उठा चुका था.
शमीमा ने ये भी बताया कि उनका बेटा ड्रग्स और गलत कंपनी में भी पड़ गया है. उन्होंने कहा कि 'वो कई बार बीमार पड़ जाता था. पिछले तीन सालों से मैं संघर्ष कर रही हूं. मैंने उसकी ट्रीटमेंट पर काफी खर्चा किया और फिर हमारे पास घर देखने के अलावा कोई चारा नहीं था.' उन्होंने आगे कहा, 'अजहर जब 18 साल का हुआ, तो ट्रस्ट की तरफ से मासिक भत्ता देना भी बंद कर दिया. वे करीब 9000 रुपए भेजते थे. अब हमारे लिए घर चलाना काफी मुश्किल हो गया है. अजहर का परिवार बांद्रा ईस्ट में नौपाड़ा के रुम में रहता है. इस कमरे में उसकी बहन, बहन का पति और उनके तीन बच्चे भी रहते हैं.'
अजहर की को-स्टार रुबीना कुरैशी भी अपने फ्लैट से अलग हो चुकी हैं. 20 साल की रुबीना मेकअप आर्टिस्ट हैं और वे नालासोपारा में अपनी मां के साथ रहती हैं. वे इसके अलावा फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही हैं. इस समय उस फ्लैट में रुबीना के पिता अपनी दूसरी पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं. रुबीना ने भी इस मामले में अपनी बात रखी है.
उन्होंने कहा, 'स्टारडम खत्म हो चुका है. अब मुझे अपने परिवार को खिलाने के लिए कमाना पड़ता है. मुंबई बेहद भीड़-भाड़ वाला इलाका है और काफी प्रदूषित भी है. मैं झुग्गियों में पैदा हुई थी लेकिन मैं कभी भी वहां जाना नहीं चाहती हूं.' उन्होंने कहा, 'मैं इस घर में चार साल तक रही लेकिन उस फ्लैट में 8 लोगों के साथ रहना काफी मुश्किल हो रहा था इसलिए मैं वहां से निकल आई. ये ट्रस्ट अब आधिकारिक रुप से बंद हो चुका है लेकिन वे अब भी मेरे टच में है और अपनी तरफ से मदद करने की कोशिश करते हैं.'
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