मासूम बच्चों को मारकर उनका रेप करने वाला सीरियल किलर और रेपिस्ट रविंद्र अपनी गिनती से सिर्फ दिल्ली पुलिस को नहीं बल्कि पूरी दिल्ली को डरा रह है. ये अपनी याददाश्त से दिल्ली को हिंदुस्तान का सबसे बड़ा निठारी बना रहा है. 12 से शुरू हुई गिनती खुद ये 35 लाशों तक ले जा चुका हैऔर आगे कह रहा है, 'जैसे-जैसे याद आता जाएगा गिनती बताता जाऊंगा.'
35 बच्चों का कत्ल करने के बाद उनकी इस वहशी को मिलने के बाद आप बेचैन हो जाएंगे. मगर इसे कोई फर्क नहीं पड़ता. 35 बच्चों का कत्ल कर उनकी लाश के साथ करने की कहानी ये ऐसे सुनाता है मानो इसने नरसंहार नहीं बल्कि छोटी-मोटी चोरी भर की हो. इतने सारे बच्चों के कत्लेआम को बस नशे की गलती भर मानता है.
इसके हाव-भाव, बातचीत से जरा भी नहीं लगता कि ये सामान्य नहीं है. बिल्कुल नॉर्मल दिखता है और नॉर्मल ही बात करता है. इसे निठारी की कहानी और सुरेंद कोली के आदमखोर की बात भी अच्छी तरह याद है. बस छठी पास है रविंद्र. लेकिन पुलिस वाले इसकी याददाश्त के कायल हो गए हैं. क्योंकि ये अपने हर शिकार की तारीख, साल, जगह सब याद रखे है. जैसे-जैसे इसे याद आता जा रहा है बच्चों की लाशों की गिनती बढ़ती जा रही है.
रविंद्र के इंटरव्यू के कुछ अंश:
'मैं खुद को इंसान नहीं मानता...'
आजतक को दिए इंटरव्यू में इसने खुद ये कुबूल किया है कि ये खुद को इंसान नहीं मानता. साथ ही ये भी कहा कि इसने
जो गुनाह किया है उसकी सजा इसे जरूर मिलनी चाहिए.
'...इसलिए बच्चों के शव का रेप करता था.'
रविंद्र ने कहा कि जब वो बच्चों को अगवा करता था तब वो शोर मचाते थे. इसलिए पहले उनकी हत्या करता था फिर
उनके शव का रेप करता था.
'मौका मिलता तो घर के बच्चों का भी रेप करता...'
रविंद्र ने खुद माना कि अगर उसे मौका मिलता तो वो अपने करता. हालांकि उसने यह भी कहा
कि उसका कोई करीबी रिश्तेदार नहीं है और जो दूरदराज के जान पहचान के लोग हैं वो कभी उनके घर नहीं गया.
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