नीतीश कुमार ने महागठबंधन तोड़कर छठीं बार बिहार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और विधान सभा में बहुमत भी साबित कर दिया. ऐसे में जनता दल यूनाईटेड (JDU) के सहसंस्थापक और वरिष्ठ नेता शरद यादव का क्या रुख है, इसे लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं. फिलहाल शरद यादव कुछ भी कहने की बजाए शांत हैं. जबकि राजद सुप्रीमो लालू यादव ने एक टीवी चैनल से ये दावा किया है कि शरद यादव आरजेडी के साथ हैं.
क्या RJD के साथ हैं शरद?
का बीजेपी से हाथ मिलाकर महागठबंधन तोड़ने के फैसले पर अब तक शरद यादव ने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. कहा जा रहा है कि शरद यादव नीतीश के इस फैसले से खुश नहीं हैं. वहीं एक टीवी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में लालू यादव ने कहा, 'शरद यादव ने मुझसे बात की है. वे हमारे संपर्क में हैं और कहा है कि वे RJD के पक्ष में हैं.
जब हुई 18 विपक्षी दलों की बैठक
बता दें कि हाल ही में 18 विपक्षी दलों की हुई बैठक में नीतीश की जगह हिस्सा लेने वाले शरद यादव ने आश्वस्त किया था कि उनकी पार्टी जेडीयू, बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी.
शरद यादव को मंत्री पद देने की अटकलें
बिहार में नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ सरकार बनाते ही अटकलें तेज हो गईं कि बन सकते हैं. लेकिन इसी बीच शरद यादव ने दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के साथ गठबंधन के फैसले से नाराज जेडीयू सांसद भी शरद यादव से मिले. इनमें वरिष्ठ सांसद अली अलवर और वीरेंद्र कुमार के अलावा पार्टी महासचिव अरुण सिन्हा और जावेद रजा भी शामिल थे.
वित्त मंत्री ने की शरद यादव से बात
वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शरद यादव से फोन पर बात की. जेटली ने शरद यादव से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले पर गतिरोध खत्म करने की गुजारिश की. जेटली के अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी शरद यादव से फोन पर बातचीत की और पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया.
नीतीश ने भी समझाई पूरी बात
को नीतीश कुमार ने समझाया कि लालू यादव से गठबंधन क्यों तोड़ना पड़ा. गौरतलब है कि बीजेपी के साथ सरकार बनाने पर शरद यादव ने कहा था कि इस फैसले से गलत संदेश जाएगा.
सुरभि गुप्ता