जयललिता मामले में कर्नाटक सरकार को सर्वोच्च न्यायालय की फटकार

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के खिलाफ चल रहे एक मामले में कर्नाटक सरकार को न्यायालय के समक्ष पेश होने के लिए वकील नियुक्त करने की दिशा में कदम न बढ़ाने के कारण कर्नाटक सरकार को फटकार लगाई. जयललिता ने एक याचिका दाखिल कर आय से अधिक मामले में अपने खिलाफ सुनाई गई सजा की चुनौती दी है.

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Jayalalitha Jayalalitha

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2015,
  • अपडेटेड 9:11 AM IST

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के खिलाफ चल रहे एक मामले में कर्नाटक सरकार को न्यायालय के समक्ष पेश होने के लिए वकील नियुक्त करने की दिशा में कदम न बढ़ाने के कारण कर्नाटक सरकार को फटकार लगाई. जयललिता ने एक याचिका दाखिल कर आय से अधिक मामले में अपने खिलाफ सुनाई गई सजा की चुनौती दी है.

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कर्नाटक सरकार द्वारा वकील की नियुक्ति में दिखाई गई 'उदासीनता' को अपवाद स्वरूप लेते हुए न्यायमूर्ति मदन बी. लोकूर और न्यायमूर्ति आर. भानुमती की पीठ ने विस्मय व्यक्त करते हुए कहा कि 'अगर दूसरा पक्ष मामले को लेकर उच्च न्यायालय जाता तो क्या होता'.

कर्नाटक सरकार के वकील ने कहा, 'चूंकि हम इस मामले में निचली अदालत में कोई भी पक्ष नहीं हैं, इसलिए उच्च न्यायालय के समक्ष भी हम कोई पक्ष नहीं होते.'

इस सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, 'कुल मिलाकर आपके वकील ने उच्च न्यायालय के सामने कुछ भी नहीं कहा और आपका भी तर्क यही है.'

न्यायालय ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) नेता के. अनबझागन की याचिका पर सुनवाई के दौरान कर्नाटक द्वारा लिए गए पक्ष को नकार दिया. अनबझागन ने तमिलनाडु सरकार द्वारा जी. भवानी सिंह की वकील के रूप में नियुक्ति को चुनौती दी थी. अनबाझागन का कहना था कि तमिलनाडु सरकार के पास इसका कोई अधिकार नहीं है.

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उन्होंने कहा कि मामला तमिलनाडु से कर्नाटक स्थानांतरित होने के बाद वकील नियुक्त करने का आधिकार कर्नाटक सरकार के पास है.

- इनपुट IANS

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