बिहार विधानसभा चुनाव में गैर भारतीय जनता पार्टी और गैर कांग्रेस दलों का तीसरा मोर्चा अस्तित्व में आ गया. समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की. सपा व राकांपा ने पटना में आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में सपा के बिहार प्रभारी किरणमय नंदा व राकांपा के राष्ट्रीय महासचिव तारिक अनवर ने कहा कि बिहार में आज तीसरे मोर्चे की जरूरत है. इस गठबंधन को और मजबूती देने के लिए कई दल इसका हिस्सा बनने को तैयार हैं.
अल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और जन अधिकार मोर्चा के प्रमुख और सांसद पप्पू यादव को मोर्चे में शामिल करने संबंधी एक सवाल के जवाब में नंदा ने कहा कि हमने किसी भी दल को न्योता नहीं भेजा है पर हमारी विचारधारा के कोई भी दल आएंगे तो उसका स्वागत है .
उन्होंने कहा की 22 सितम्बर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पटना आएंगे और उनकी मौजूदगी में कई निर्णयों पर फैसला लिया जाएगा. गठबंधन में शामिल दलों के सीट बंटवारे को लेकर रणनीति बनाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है जिसमें सपा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र यादव, तारिक अनवर व रघुनाथ झा शामिल हैं.
रामचंद्र यादव ने बताया कि 48 घंटे के अंदर चुनावी और दलगत रणनीति पूरी कर इसकी घोषणा कर दी जाएगी. उल्लेखनीय है कि सत्तधारी महागठबंधन में सीट बंटवारे में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से नाराज सपा और राकांपा महागठबंधन से बाहर हो गए थे.
इनपुट: IANS
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