विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में साइना ने मेडल किया पक्का

भारत की स्टार महिला बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल शुक्रवार को जर्काता में जारी विश्व चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंच गईं. इसके साथ साइना ने अपने लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया.

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aajtak.in

  • जकार्ता,
  • 14 अगस्त 2015,
  • अपडेटेड 10:39 AM IST

भारत की महिला बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल शुक्रवार को जर्काता में जारी विश्व चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंच गईं. इसके साथ साइना ने अपने लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया. साइना ने पहली बार विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य तक हाथ बढ़ाने में सफलता हासिल की है. महिला एकल में पीवी सिंधु और महिला युगल जोड़ीदार ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा को हालांकि क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में हार मिली.

विश्व की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी साइना ने क्वार्टर फाइनल में चीन की यिहान वांग को 21-15 19-21 21-19 से हराया. यह मैच एक घंटे 12 मिनट चला. इन दोनों के बीच यह 12वीं भिड़ंत थी. नौ बार वांग विजयी रहीं हैं जबकि तीन मौकों पर साइना की जीत हुई है.

अगले दौर में साइना का सामना इंडोनेशिया की लिंडावेनी फिंतेरी से होगा, जिन्होंने शुक्रवार को चीनी ताइपे की ताए जू यिंग को 14-21, 22-20, 21-12 से हराया. फिंतेरी और साइना के बीच अब तक तीन मुकाबले हुए हैं, जिनमें दो बार साइना की जीत हुई है. इससे पहले दो बार विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकीं सिंधु को कोरिया की सुंग जी ह्यून ने एक घंटे 22 मिनट में हराया. सिंधु ने गुरुवार को प्री-क्वार्टर फाइनल दौर में मौजूदा ओलम्पिक चैम्पियन चीन की ली जुईरेई को हराया था.

नौ हजार की क्षमता वाले इस्तोरा सेनायान में खेले गए इस मुकाबले में टूर्नामेंट की 11वीं वरीय खिलाड़ी सिंधु को आठवीं वरीय ह्यून के हाथों 17-21, 21-19, 16-21 से हार मिली. इससे पहले, टूर्नामेंट की 13वीं वरीय और विश्व की 12वीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी को जापान की नाओको फाकुमान और कुरुमी योनाओ ने हराया.

विश्व की 17वीं वरीयता प्राप्त जोड़ीदार नाओको और कुरुमी ने गुट्टा और पोनप्पा को 46 मिनट तक चले मुकाबले में 23-25, 14-21 से पराजित किया. इन जोड़ीदारों के बीच यह पहला मुकाबला था. गुट्टा और पोनप्पा ने 2011 में विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता था लेकिन इस साल एक बार फिर वे अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकीं. सेमीफाइनल में पहुंचकर वे अपने लिए कांस्य सुरक्षित करा सकती थीं.

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