दलित हिंसा के नाम पर खुद को आग लगाने वाले RSS कार्यकर्ता की मौत

जयपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब 45 वर्षीय दवा व्यापारी रघुवीर शरण अग्रवाल ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली. वह 100 मीटर तक जलते हुए भारत माता जयकारे के नारे लगाते हुए दौड़ते रहे.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

शरत कुमार / aajtak.in

  • जयपुर,
  • 09 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 6:31 PM IST

दलित और सवर्णों की लड़ाई से परेशान होकर खुद को आग लगाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यवाह की सोमवार को मौत हो गई. एक दिन पहले ही उन्होंने खुद को पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली. शरीर पर आग लगाने के बाद वह भारत माता का जयकारा लगाते हुए सड़क पर दौड़ते रहे.

जयपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब 45 वर्षीय दवा व्यापारी रघुवीर शरण अग्रवाल ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली. वह 100 मीटर तक जलते हुए भारत माता की जय के नारे लगाते हुए दौड़ते रहे. लोग बीच सड़क पर जलते हुए एक आदमी को भागते देखकर चौंक गए. लोगों ने पानी डालकर आग बुझाई और उन्हें सवाई मानसिंह अस्पताल में ले गए. यहां से उसके परिजन उन्हें दिल्ली (एम्स) ले गए. वे 80% तक झुलस गए थे, लेकिन आज उनका निधन हो गया.

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जातिगत संघर्ष से दुखी

पुलिस को दिए अपने बयान में उन्होंने बताया कि वह आरक्षण और जाति के नाम पर भाई के भाई से लड़ने से दुखी थे. यह घटना रविवार सुबह 5 बजे की बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि वह रोजाना सुबह 5  बजे अमरपाली सर्किल पर आरएसएस की शाखा लगाते थे और 2 अप्रैल के दिन दलित आंदोलन के नाम पर हुई हिंसा से काफी दुखी थे. उन्होंने अपने दवा दुकान के लेटर हेड पर कई ऐसी बातें लिखी थीं जिसमें उन्होंने लिखा था कि वह इसके लिए जान दे रहा है, हालांकि पुलिस का कहना है कि वह दूसरे भी कई पहलुओं पर जांच कर रही है.

आग लगाने से पहले रघुवीर शरण ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी. जिसमें उन्होंने लिखा था कि स्वप्न में मैंने भारत माता की वह करुण चीत्कार सुनी और देखा कि चारों तरफ गिद्ध मंडरा रहे है. जब हम दूसरों के बहकावे में आ जाते हैं तो चाहे कोई भी हो, उसका स्वयं का विवेक शून्य हो जाता है. भाई से भाई को लड़वा कर अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं.

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परिजनों के मुताबिक, रविवार सुबह पांच बजे वह अकेले ही मॉर्निग वॉक के घर से निकले थे. तभी आम्रपाली सर्किल के पास खुद के शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. इससे पहले उन्होंने घर पर फोन भी किया था. पुलिस को दिए बयानों में रघुवीर शरण ने समाज में फैल रही कटुता से परेशान होकर खुद को आग लगाने की बात कही थी.

दूसरी ओर, इस मामले में पुलिस का कहना था कि शुरुआती जांच में रघुवीर शरण ने घरेलू परेशानी से परेशान होकर खुद को आग लगाईं. अभी जांच की जा रही है. पुलिस को मौके पर प्लास्टिक की खाली बोतल मिली, जिसमें रघुवीर शरण पेट्रोल भरकर लाए थे.

रोज शाखा लगाते थे रघुवीर शरण

स्थानीय लोगों के अनुसार रघुवीर शरण क्राउन प्लाजा स्थित फ्लैट में रहते थे. नर्सरी सर्किल के पास किरण मेडिकल्स के नाम से उनकी मेडिकल की दुकान भी है. वे रोजाना आम्रपाली सर्किल के पास आरएसएस की शाखा लगाते थे. लोगों का कहना है कि वह बीते कुछ दिनों ने देश में बढ़ रही कटुता को लेकर बातें करते थे, लेकिन वो ऐसा कदम उठाएंगे ऐसी किसी को उम्मीद नहीं थी.

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