अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेजी से स्पिन गेंदबाजों पर संदिग्ध बॉलिंग एक्शन के लिए बैन लगाया जा रहा है. इस क्रम में पाकिस्तान को बड़ा झटका तब लगा जब सईद अजमल को इसका दोषी पाया गया और उन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा ने मांग की है कि आईसीसी को संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन पर अपने नए प्रोटोकॉल में बदलाव करने की जरूरत है जिससे कि यह सुनिश्चित हो सके कि दूसरा खेल का हिस्सा बना रहे.
रमीज ने से कहा, 'ऐसा लगता है कि आईसीसी ने मन बना लिया है कि वह ऐसे गेंदबाजों के प्रति कोई नरमी नहीं बरतेगा जिनके बारे में उसे लगता है कि वह प्रणाली से बचने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन आईसीसी को साथ ही सुनिश्चित करना होगा कि गैरपारंपरिक गेंदबाज क्रिकेट से दूर नहीं हो जाएं. अब कमेंटेटर की भूमिका निभाने वाले रमीज का मानना है कि आईसीसी नियम के तहत कोहनी को मोड़ने की सीमा को मौजूदा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 से 20 प्रतिशत तक कर सकता है.'
उन्होंने कहा, 'एक कमेंटेटर के रूप में मैं आपको बता सकता हूं कि ये गैरपारंपरिक गेंदबाज क्रिकेट में रोमांच लाते हैं और दूसरा गेंद ऑफ स्पिनर के लिए वैध हथियार बन गई है, वे अब इसके बिना नहीं चल सकते. इस पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने कहा कि अब नियम साफ तौर से बल्लेबाजों के पक्ष में हैं और ऐसे में आईसीसी को गेंदबाजों को थोड़ी छूट देनी चाहिए.'
रमीज ने कहा, 'नियमों में थोड़ा बदलाव खेल के लिए अच्छा होगा.' उन्होंने कहा, 'आजकल गेंदबाजों की राह मुश्किल है. उनके लिए कुछ आसान नहीं है. मुझे लगता है कि नई प्रोटोकॉल प्रणाली की समीक्षा में कुछ भी गलत नहीं है.'
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने साथ ही कहा कि वे इस मुद्दे को इस महीने आईसीसी की बैठक में उठाएंगे. इससे पहले पीसीबी प्रमुख शहरयर खान और राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच वकार यूनिस भी संदिग्ध एक्शन वाले गेंदबाजों पर नकेल कसने के समय पर सवाल उठा चुके हैं.
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