जुलूस के रूप में अदालत जाने वाले स्वतंत्रता सेनानी नहीं होते: राम माधव

जयपुर से 60 किलोमीटर दूर मालपुरा में विनायक दामोदर सावरकर की मूर्ति अनावरण के अवसर पर बोलते हुए राम माधव ने कहा, 'इन दिनों नेता जेल जाने के इच्छुक है. अदालत में जाने के लिये जुलूस के रूप में आते है. लेकिन इन्हें किसी भ्रम में नहीं रहना चाहिये ये लोग स्वतंत्रता सेनानी नहीं है.

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लव रघुवंशी

  • जयपुर,
  • 21 दिसंबर 2015,
  • अपडेटेड 5:11 AM IST

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कांग्रेस के नेताओं द्वारा दिल्ली में नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत जाने के दौरान किए गए 'शो' पर कहा कि 'अदालत में जुलूस के रूप में जाने से स्वतंत्रता सेनानी नहीं होते ये लोग आरोपी है, जेल जा सकते है.'

जयपुर से 60 किलोमीटर दूर मालपुरा में विनायक दामोदर सावरकर की मूर्ति अनावरण के अवसर पर बोलते हुए राम माधव ने कहा, 'इन दिनों नेता जेल जाने के इच्छुक है. अदालत में जाने के लिये जुलूस के रूप में आते है. लेकिन इन्हें किसी भ्रम में नहीं रहना चाहिये ये लोग स्वतंत्रता सेनानी नहीं है. ये लोग आरोपी है जेल जाने वाले है.' उन्होंने कहा, 'ऐसे कई स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिये 27 साल जेल में रहे लेकिन वे अंग्रेजों के सामने नहीं झुके. जुलूस के रूप में अदालत जाने से ये नेता उस तरह के नहीं है.' उन्होंने कहा, 'बीजेपी युवाओं की राष्ट्रीय पार्टी है, जिनके नेता 64 वर्षीय नरेन्द्र मोदी हैं जो 24 घंटों में से 20 घंटें काम करते है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 माह के कार्यकाल में एक दिन का भी अवकाश नहीं लिया है और वे आमजन के लिये लगातार काम में लगे है.'

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उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर चुटकी लेते हुए कहा, 'युवा प्रधानमंत्री के सामने 44 साल का बूढ़ा है, जिसे हर चार महीने के बाद दो माह का अवकाश (ब्रेक) चाहिए और 57 दिन देश के बाहर जाकर अनुपस्थित रहे.

स्वतंत्रता से पूर्व सावरकर के योगदान को याद करते हुए माधव ने कहा कि बीजेपी ने उनसे प्रेरणा लेकर देश को नई दिशा दी है. उन्होंने देश की विपक्षी पार्टियों द्वारा सावरकर को 'सांप्रदायिक और कट्टरपंथी' कहने को गलत बताते हुए कहा कि सावरकर ने स्वतंत्रता से पूर्व लोगों की भलाई लिये काम किये थे.

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस ने सावरकर के पास गये थे और इनमें से कुछ ने उनसे आर्शीवाद लिया था.

इनपुट- भाषा

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