इंडिया टुडे-कार्वी के ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक अगर तमिलनाडु में 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव आज करा लिए जाएं तो रजनीकांत की नई पार्टी अविश्वसनीय आगाज कर सकती है. अभी जबकि उसका नाम और चिह्न तक तय नहीं है. तमिलनाडु के कई मतदाता रजनी को मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में देख रहे हैं. सत्तासीन अन्नाद्रमुक के लिए बुरी खबर है. सर्वे के मुताबिक उसकी सीटों में तेजी से गिरावट होगी और वह सत्ता से बाहर हो जाएगी. वहीं द्रमुक को इसका फायदा होगा. क्या रजनी की पार्टी और ताकतवर बनकर उभरेगी?
4,758
लोगों ने इस सर्वे में हिस्सा लिया जो 77 विधानसभा क्षेत्रों के थे. यह कुल विधानसभा सीटों का 33 फीसदी है. इनमें सभी 39 लोकसभा क्षेत्रों के लोग शामिल रहे
33%
लोग एआइएडीमके के वोटर थे, उन्होंने कहा कि वे किसी अन्य पार्टी को वोट देंगे. इनमें से 60 फीसदी रजनी को वोट देंगे. डीएमके के 20 फीसदी वोटर पाला बदलेंगे. उनमें से 63 फीसदी रजनी की ओर जाएंगे
130
सीट डीएमके और उसका गठबंधन जीत सकता है, इसमें कांग्रेस शामिल. उसकी वोट हिस्सेदारी 34 फीसदी. जीत के लिए 118 सीट चाहिए
50%
फीसदी वोटर मानते हैं कि अगला सीएम एम.के. स्टालिन को होना चाहिए. रजनी को 17 फीसदी लोगों का समर्थन मिला
60
सीटें एआइएडीएमके जीत सकती है, उसकी वोट हिस्सेदारी 26 फीसदी. 2016 में उसकी सीटें 135 और वोट हिस्सेदारी 40 फीसदी थी
65%
वोटर मानते हैं कि जयललिता के निधन ने राज्य में सियासी खालीपन ला दिया है
संध्या द्विवेदी / मंजीत ठाकुर