गहलोत को बड़ी राहत, BSP विधायकों के विलय के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज

राजस्थान हाई कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक मदन दिलावर की याचिका को खारिज कर दिया है. मदन दिलावर ने बीएसपी के सभी 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय करने के खिलाफ याचिका दाखिल की थी.

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो-PTI) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो-PTI)

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 27 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक मदन दिलावर की याचिका को खारिज कर दिया है. मदन दिलावर ने बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के सभी 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय करने के खिलाफ याचिका दाखिल की थी.

दरअसल, बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय के खिलाफ स्पीकर सीपी जोशी के सामने दायर याचिका पर कार्रवाई नहीं होने को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. इस मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है.

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बीएसपी की भी अर्जी खारिज

बीजेपी विधायक मदन दिलावर की याचिका में पक्षकार बनने के लिए बीएसपी ने आज अर्जी दाखिल की थी. बीएसपी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सोमवार यानी आज कहा कि जब मदन दिलावर की याचिका ही खारिज हो गई तो पार्टी (पक्षकार) बनने की जरूरत नहीं है.

क्या है पूरा मामला

बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने स्पीकर सीपी जोशी के सामने 4 महीने पहले बसपा विधायक लखन सिंह (करौली), राजेन्द्र सिंह गुढ़ा (उदयपुरवाटी), दीपचंद खेड़िया (किशनगढ़ बास), जोगेन्दर सिंह अवाना (नदबई), संदीप कुमार (तिजारा) और वाजिब अली (नगर, भरतपुर) के कांग्रेस में शामिल होने के खिलाफ शिकायत की थी.

मदन दिलावर ने अपील की थी कि इन 6 विधायकों को दल-बदल कानून के तहत विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करें, लेकिन स्पीकर ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसके बाद मदन दिलावर हाई कोर्ट पहुंच गए. इस बीच 24 जुलाई को स्पीकर ने शिकायत को निस्तारित कर दिया. इस वजह से हाई कोर्ट में अर्जी खारिज हो गई.

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धरने पर बैठे बीजेपी विधायक मदन दिलावर

स्पीकर सीपी जोशी की ओर से शिकायत के निस्तारण के बाद बीजेपी विधायक मदन दिलवार धरने पर बैठ गए. विधानसभा अध्यक्ष के कमरे के बाहर धरने पर बैठे मदन दिलावर ने कहा कि स्पीकर ने मेरी शिकायत को खारिज कर दिया है. इसकी कॉपी लेने के लिए हम आए थे, मगर उन्होंने (स्पीकर) कॉपी नहीं दिया, इसलिए हम धरने पर बैठे थे.

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