राजस्थान कांग्रेस की 'ड्राइविंग सीट' पर रहेंगे पायलट? ट्विटर पर लगाई स्टीयरिंग थामे फोटो

राज्यसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के खेमे में अंदरखाने जबरदस्त खींचतान चल रही है. गहलोत चाह रहे हैं कि प्रदेश कांग्रेस की कमान उनकी पसंद के किसी व्यक्ति को सौंपी जाए.

Advertisement
पायलट के प्रोफाइल फोटो बदलने से सियासी अटकलों को मिली हवा (फाइल फोटोः फेसबुक) पायलट के प्रोफाइल फोटो बदलने से सियासी अटकलों को मिली हवा (फाइल फोटोः फेसबुक)

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 23 जून 2020,
  • अपडेटेड 11:23 AM IST

  • पायलट की फोटो से सियासी अटकलों को मिली हवा
  • सीएम गहलोत चाहते हैं अपनी पसंद का प्रदेश अध्यक्ष

राजस्थान में राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए हुए चुनाव के बाद अब एक बार फिर कांग्रेस में सियासी खींचतान शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पार्टी की एकजुटता बनाए रखने के लिए नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर आलाकमान से चर्चा तक कर चुके हैं. वहीं, अब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और गहलोत सरकार में डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने अपने ट्विटर हैंडल की प्रोफाइल फोटो बदलकर सियासी अटकलों को और हवा दे दी है.

Advertisement

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से पहले सचिन पायलट ने अपने ट्विटर प्रोफाइल पर लगा फोटो बदल दिया. पायलट ने अब तक लगी रही सामान्य फोटो की जगह जो फोटो लगाई है, उसमें वे साफा बांधे गाड़ी की स्टीयरिंग थामे लोगों से हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं. इसे पायलट की ओर से पार्टी और मुख्यमंत्री को यह साफ संदेश माना जा रहा है कि वे ड्राइविंग सीट पर ही रहना चाहते हैं.

दरअसल चर्चा का बाजार इसलिए भी गर्म है, क्योंकि कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चाह रहे हैं कि प्रदेश कांग्रेस की कमान उनकी पसंद के किसी व्यक्ति को सौंपी जाए. इसके पीछे मंशा यह बताई जा रही है कि सरकार के साथ संगठन को भी गहलोत अपने मन मुताबिक चला पाएंगे. राज्यसभा चुनाव से पहले होटल पॉलिटिक्स को लेकर भी गहलोत ने आलाकमान से चर्चा कर यह मांग की है कि पार्टी को एकजुट रखने के लिए प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर किसी नए चेहरे को बैठाया जाना चाहिए.

Advertisement

वहीं, दूसरी तरफ कहा यह जा रहा है कि सचिन पायलट भी प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी बचाए रखने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं. पायलट का तर्क है कि मेहनत के बाद भी उन्हें मुख्यमंत्री पद नहीं दिया गया तो कम से कम प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी ही उनके पास रहने दी जाए. इसके समर्थन में अब तक हुए उपचुनावों में पार्टी को दिलाई सफलता का भी हवाला दिया जा रहा है.

राज्यसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के खेमे में अंदरखाने जबरदस्त खींचतान चल रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि नियुक्तियों से लेकर मंत्रिमंडल में फेरबदल तक, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पावर का असर दिखेगा. गौरतलब है कि पायलट, राजस्थान के इतिहास में अब तक के सबसे लंबे कार्यकाल वाले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बन चुके हैं. वे 6 साल 5 महीने से राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद पर काबिज हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement