बेरोजगार युवाओं की BJP को चेतावनी- नौकरी नहीं, तो वोट नहीं

दरअसल राजस्थान में सरकारी नौकरियों में भर्ती नहीं होने की वजह से नाराज युवाओं ने अपना संगठन बनाया है, जिन्होंने धमकी दी है अजमेर और अलवर संसदीय क्षेत्रों के उप चुनाव से पहले सरकार सरकारी नौकरियों की भर्ती नहीं खोलती है तो वह बीजेपी के खिलाफ प्रचार में शामिल होंगे.

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बेरोजगारों की नाराजगी बेरोजगारों की नाराजगी

शरत कुमार / सुरभि गुप्ता

  • जयपुर,
  • 11 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 4:22 AM IST

राजस्थान में बेरोजगारों की नाराजगी अब वसुंधरा सरकार पर भारी पड़ सकती है. बेरोजगार युवाओं ने इस समस्या का समाधान ना किए जाने पर बीजेपी को वोट ना देने की चेतावनी दी है. राजस्थान एकीकृत बेरोजगार संघ ने अजमेर में शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी के घर जाकर उनको BJP को वोट नहीं देने का पर्चा तक दे दिया है.

सरकारी नौकरियों में भर्ती नहीं

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दरअसल राजस्थान में भर्ती नहीं होने की वजह से नाराज युवाओं ने अपना संगठन बनाया है, जिन्होंने धमकी दी है अजमेर और अलवर संसदीय क्षेत्रों के उप चुनाव से पहले सरकार सरकारी नौकरियों की भर्ती नहीं खोलती है तो वह बीजेपी के खिलाफ प्रचार में शामिल होंगे.

तीन दिन का भूख हड़ताल

पिछले 3 दिनों से लोक सेवा आयोग के दफ्तर के बाहर अजमेर में ये सभी भूख हड़ताल पर बैठे थे. उसके बाद उन्होंने राजस्थान सरकार को जगाने के लिए सद्बुद्धि यज्ञ किया. फिर सरकार से जवाब नहीं मिला तो अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया, लेकिन तीन दिनों के उपवास के बाद उन्होंने अजमेर और अलवर में होने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी.

बीजेपी के खिलाफ प्रचार की चेतावनी

मजे की बात यह रही कि अजमेर में अपने घर पर मौजूद शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी के घर में घुसकर उनके हाथ में पर्चा पकड़ाया और पढ़ाया भी. इसमें लिखा हुआ था कि वह आने वाले चुनाव में बीजेपी को वोट नहीं देंगे और इसकी शुरुआत यहीं से कर रहे हैं. इनका कहना है कि राजस्थान बेरोजगार संघ इसी तरह से बीजेपी के खिलाफ प्रचार अभियान में लगी रहेगी.

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सरकार के खिलाफ आर या पार की लड़ाई

बेरोजगार संघ के अध्यक्ष उपेन पटेल ने बताया कि सरकार की लापरवाही के कारण लाखों बेरोजगार परेशान हो रहे हैं और इसका खामियाजा उप चुनावों में सरकार को भुगतना पड़ेगा. लंबित भर्तियों को पूरा करवाने के लिए और सिस्टम में सुधार के लिए चुनाव में बीजेपी के विरोध के अलावा कोई उपाय नहीं बचा है. उपेन ने सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है.

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