पंजाब पुलिस को इस बात की खुफिया सूचना पहले ही मिल गई थी कि नए साल पर आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं. इस बात का खुलासा पुलिस महकमे की एक चिट्ठी से हुआ है. इसमें लिखा गया है कि आतंकी भारत में घुस चुके हैं. वे कभी भी आतंकी हमला कर सकते हैं.
31 दिसंबर, 2015 को से संबंधित अलर्ट पंजाब के सभी पुलिस अफसरों और थानों को जारी किया था. सूचना दी गई थी कि करीब 15 आतंकी भारत में घुस चुके हैं, जो नए साल पर आतंकी हमला कर सकते हैं. इनके निशाने पर फौज के ठिकाने, संसद और बड़ी हस्तियां हैं.
पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले से पहले आतंकवादियों के घुसने की खुफिया सूचना थी. खुद रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि एयरबेस में उनके घुसने पर एयर सर्विलांस के जरिए नजर रखी गई. इसके बावजूद आतंकी हमला करने में कामयाब हो गए. ऐसे में कई सवाल उठने लाजिमी हैं.
1- आतंकवादी सुरक्षा के लिहाज से सबसे सुरक्षित कहे जाने वाले पठानकोट एयरबेस में घुसने में कामयाब कैसे हुए?
2- इसके बावजूद एयरबेस में घुसने से पहले आतंकियों की नाकेबंदी नहीं की जा सकी?
3- ऑपरेशन से पहले ही प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने इतनी जल्दीबाजी में बयान क्यों दिया?
4- पल-पल पर नजर रखे जाने के बावजूद आतंकवादियों को एयरबेस में घुसने का इंतजार क्यों किया गया?
5- एनकाउंटर करने में इतना लंबा वक्त क्यों लगा है?
6- आतंकी हमले के मौके पर क्या सुरक्षा मामलों की कैबिनेट की मीटिंग बुलाकर समीक्षा नहीं की जानी चाहिए थी?
7- क्या पाकिस्तान से लगी सरहद पर सुरक्षा बलों की तैनाती में कमी बरती गई है?
8- आखिर तमाम बंदोबस्त के बावजूद आतंकवादी पाकिस्तान से हथियारों के साथ देश की सरहद में घुसने में कामयाब कैसे हुए?
मुकेश कुमार