एफटीआईआई के 5 छात्रों की गिरफ्तारी का दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विरोध किया है. उन्होंने बुधवार सुबह ट्विटर पर एफटीआईआई छात्रों के प्रति अपना समर्थन जताया और छात्रों को क्लास के लिए जगह देने का प्रस्ताव भी दे दिया.
उन्होंने लिखा, 'एफटीआईआई में जो कुछ हो रहा है, उससे हैरान हूं. सरकार के फैसलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित इंस्टिट्यूट बर्बाद हो रहा है. एफटीआईआई छात्रों को मेरा ऑफर है कि दिल्ली सरकार आपको अस्थायी जगह दे सकती है. जब तक केंद्र सरकार आपकी मांगें नहीं मानती, दिल्ली में क्लास लीजिए. अगर केंद्र सरकार फिर भी नहीं मानती तो हम इसी जगह को पूरे इंस्टिट्यूट में बदल देंगे और छात्र-छात्राएं यहां पढ़ाई कर सकेंगे.'
आधी रात को गिरफ्तार किए गए छात्र
मंगलवार को आधी रात फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) के कैंपस से पुणे पुलिस ने 17 नामजद छात्रों में से 5 को गैरजमानती धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस कैंपस के हॉस्टल में करीब 1:15 बजे पहुंची. छात्रों पर सरकारी काम में बाधा डालने और गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
बताया जाता है कि बाकी नामजद
छात्र कैंपस में मौजूद नहीं थे. हालांकि, अन्य छात्रों को लेकर अभी भ्रम की स्थिति बनी हुई है. संस्थान के डायरेक्टर प्रशांत पाथराबे की शिकायत के बाद डेक्कन पुलिस थाने में छात्रों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353 के तहत केस दर्ज किया गया है, जो गैरजमानती है. नामजद छात्रों में तीन लड़कियां भी शामिल हैं, जबकि लड़कियों को अरेस्ट नहीं किया गया है. पुलिस ने 40 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.
दूसरी ओर, छात्रों की गिरफ्तारी के बाद डेक्कन पुलिस थाना परिसर में बड़ी संख्या में छात्र और कुछ फैकल्टी मेंबर्स इक्ट्ठा हो गए. पुलिस से जब आधी रात को धावा बोलने की वजह के बारे में पूछा गया तो पुलिस ने कहा कि उन्होंने निर्देश का पालन किया है. संस्थान के डायरेक्टर प्रशांत पाथराबे ने उन छात्रों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिन्होंने सोमवार रात उन्हें 6 घंटों तक कार्यालय में घेर कर रखा था.
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